बेटी के इच्छा पूरी करे हिंदी Motivational स्टोरी

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हेल्लो दोस्तों आज एकबार फिरसे आप सभीको internet sikho में बहुत बहुत स्वागत है.दोस्तों आज में एक ऐसे  सच्ची काहानी के बारे में बाताने जा राहा  जोह की कही ना कही आपके दिल को छूने को मजबूर कर देगा.तोह चलिए शुरू करते आजके काहानी.और आजके जोह काहानी है वोह एक बेटी को लेकर है यानि की एक बेटी को कैसे उसके सारे इच्छा पूरन करे यह आपने माता पिता का सबसे बड़ा दायित्त्य है.तोह इससे आपको सही से समझाने के लिए एक काहानी  पेश करने जा रहा हु.तोह कृपया करके पूरी पोस्ट को पढ़े.

 बेटी के इच्छा पूरी करे येही सबसे बड़ा धर्म है

एकबार की बात है एक पाच साल की बेटी  उसके पापा के साथ बाजार में जा रहा था और  गोल गप्पे  देखते ही उससे खाने के लिए  उछल गए.फिर गोल गप्पे वाले से उनके पापा पूछा 10 रुपिया में कितना दोगे?फिर गोल गप्पे वाले ने बोला 10 रूपया में 8 देंगे,इससे सुनकर उस लड़की के पप्पा ने थम गया क्यों की वोह जब खाया करता था तब 1 रूपया में 10 मिलता था,और अब इतने महंगा हो गया वोह उससे पाता नहीं था.फिर उसके पप्पा ने अपने जेब में हाथ डालकर देखा की सिर्फ 15 रूपया ही बचे है.और बाकी के सारे पैसे तोह घर के जरूरतों के सामान लेने में ही खर्च हो गया था.और उनके घर बाजार से थोडा दूर है तोह वोहा जाने के लिए भी 10 रूपया बस के भाड़े देने में ही लाग जाएगा.तोह उसके पास सिर्फ 5 रूपया ही बचे है.फिर वोह गोल गप्पे वाले को बोला की देखो 5 रूपया में 10 देंना है तोह दो नहीं तोह जाने दो.

यह सुनकर उस छोटी bachhi ने आपने मुह फुला लिया…जब बोले आरे चोलोगी अब इतने महंगे गोल गप्पे नहीं खाना है.फिर उस गोल गप्पे वाले ने उसके पिता को बोला आरे साहेब खा लेने दो ना अभी वोह आपके घर में है तोह आपसे लाड भी कर सकता है,काल वोह कोई पर के चली गयी तोह पाता नहीं ऐसे मचल पायेगा या नहीं …और तब सायेद आप भी तरसेंगे बिटिया की फरमाइश पूरी करने को …फिर उसके पाप्पा के माथे पार लकीरे उभर आई .और गोल गप्पे वाले की इस शब्दों को सुनने के बाद उनके बड़े बेटी की याद आगयी.

जिसकी साधी उसने तीन साल पहले एक खाते पीते पढ़े लिखे परिबार में की थी.और उन्होंने पहले साल से ही उससे छोटे छोटे बातो पार साताता शुरू कर दिया था.दो साल तक वोह मुट्ठी    भरभर के रुपये उनके मुह में ठुस्ता राहा पार उनका पेट बढ़ता ही चला गया.और अंत में एकदिन सीढियों से गिर कर बेटी की मौत की खबर मायके को पहुची.और वोह आज भी छतपटाता है की उसकी वोह बेटी फिर से उसके पास लौट आये?और वोह चुन चुन कर उसकी सारी अधूरी इछाये पूरी कर दे..पार वोह आछी तरह से जानता है की अब यह असम्ब्हब है.

कुछ देर बाद गोल गप्पे वाले ने उस bachhi के पिता से काहा दे दू क्या बाबूजी?और उस गोल गप्पे वाले की आवाज से उसके सोचना बंध हुआ ,फिर काहा रुखों 2 miniute.फिर जहा से वोह घर के सारे सामान ख़रीदा था वोहा गए और 5 किलो चीनी  से 1 किलो चीनी अपोस कर दिया और इससे 40 रुपये बढ़ गया.फिर वोह उस गोल गप्पे वाले के पास आकर बोलते है खिलादो भाई मेरी बिटिया को जितने खाना है और थोडा तीखा कम डालना क्यों की मेरी बिटिया तीखा जादा नहीं खा पाते है.यह सुनकर उनके 5 साल के बेटी के मन में बहुत ख़ुशी हुआ और अचानक हसके कसकर पप्पा के हाथ पकड़ लिया.

तोह हमें यह सोच राखना चाहिए की जबतक बेटी हमारे घर में है उनके सारी इच्छा जरुर पूरी करने का कोशिस करे.क्या पाता आगे कोई इच्छा पूरी हो पाए या ना हो पाए.यह बेटिया भी कितनी अजीब होती है जब ससुराल में होती है तब आपने मइके आने के लिए तरसती है.और सोचती है की घर जाकर आपने मा को यह बाताउंगी ,पप्पा से यह मांगूंगी बहिन से यह कहूँगी भाई को सबक सिखाउंगी और मौज मस्ती करुँगी,लेकिन सच में बेटिया जब उनके माईके आजाते है तोह एकदम शांत सा हो जाता है ,और किसीसे कुछ बोलता ही नहीं है.सिर्फ मा बाप भाई बहन से गले मिलती है.और बहुत खुश हो जाता है.और भूल जाती है कुछ पल के लिए आपने ससुराल को.क्यों की एक अनोखा प्यार होता है माइके में एक अजीब कौशिश होती है माइके में फिर चाहे ससुराल में कितना भी पयार क्यों ना मिले.मा बाप के एक मुस्कुरान को देखने के लिए तड़पती है यह बेटिया.

ससुराल में कितना भी रोये पार माइके में एक भी आंसू नहीं बहाती है यह बेटिया.क्यों की बेटिया का सिर्फ एक ही आंसू मा बाप भाई बहन को रुला देता है.कितनी अजीब है ना यह बेटिया कितनी नटखटी है ना यह बेटिया भगबान की अनमोल देन है यह बेटिया.तोह हो सके तोह आपने बेटिया को बहुत सारे पयार दे,उन्हें कभी भी ना रुलाये क्यों की यह अनमोल बेटी दो परिबार को एकसाथ जोड़ता है,दो रिश्ते को साथ लाती है सिर्फ उनके प्यार और मुस्कान से.और हाम भी येही चाहते है की हामारे सभी बेटिया खुश रहे,और हामेशा भले रहे चाहे वोह ससुराल में हो या माइके में हो.क्यों की जिनके पास बेटिया है वोह खुशकिश्मती है.

तोह उन्हें भरपूर प्यार दे,सद बेबोहर करे और येही बेबोहार आपनी पत्नी के साथ भी करे क्यों की वोह भी किसीके बेटिया है ,और वोह भी कही ना कही आपने माता पिता को छोरकर आपके साथ पूरी ज़िन्दगी बिताने आई है. क्यों की उसके पिता की सारी उमीदे सिर्फ और सिर्फ आपके उपर ही है.और यह काहानी जानकर आपको कैसा लागा आप जरुर मुझे बाताये कमेंट करके.और जादा से जादा आपने सभी दोस्तों के साथ शेयर करे ताकि हमारे बेटिया हामेशा खुश रहे.

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