हेल्लो दोस्तों आज एकबार फिरसे आप सभीको internet sikho में बहुत बहुत स्वागत है.दोस्तों आज में आपलोगों के सामने एक ऐसे सच्चे काहानि शेयर करने जा राहा हु  जोह की बहुत ही interesting है.और उम्मीद करता हु की इस स्टोरी से हामे बहुत कुछ सिखने मिलेगा आपने लिए.तोह फिर चलिए शुरू करते है आजके काहानी.

कुछ paise के लिए आपने को ना छोरे? 

दोस्तों एक सहर में एक बहुत ही धनि बेकती रहता था,उसके पास बहुत सारे पैसे/जमीन /bunglow सब कुछ ही था.और उसके घर के सामने एक मूची बैठता था जोह की जूता  सिलाई करते करते भगबान के गीत /भजन बहुत आछा गाता था.और यह सुनने के लिए सब उसके पास जूता सिलाई करवाने के लिए आता था.लेकिन एकदिन क्या हुआ की वोह जिसके घर के पास बैठता था वोह एकदिन किसी busniess के काम में बाहार चला गया और अचानक रस्ते पे वोह बहुत बीमार पढ़ गया.और बाहार उसने सारे आछे आछे डॉक्टर से दिखाया.लेकिन उसके बिमारी कोई ठीक नहीं कर पाया और ऐसे ही घर आपोस आये.ऐसे चलते चलते दिन के दिन उसके तबियत बहुत ही खाराप होने लागा था.और उसको बिस्तार से उठने का भी खमता नहीं था.लेकिन एकदिन अचानक उसके कान में वोह जोह बाहार बैठके मूची जूता सिलाई करता है उसका भजन कान में आया और उसको यह भजन सुनकर बहुत आछा लागा और साथ में उसका तबियत भी थोडा ठीक होने लागा.तोह उसने सोचा की वोह मूची को घर बुलाते है और उससे कुछ इनाम देते है.तोह एकदिन उसने मूची को आपने घर में बुलाया और उससे बोला की देखो आपके भजन सुनकर मेरा ठीक हो गया है.में बहुत सारे आछे आछे डॉक्टर से दिखाया पार कोई मेरा बिमारी ठीक नहीं कर पाया था.तोह इस ख़ुशी में में तुम्हे 10000 rs इनाम के रूप में देना चाहता हु.तोह मूची ने बहुत खुश हुआ और वोह इनाम ले लिया और घर चला गया.

लेकिन इसमें घबडानेवाली बात यह है की उस दिन रातको मूची को नींद नहीं आया.सारे रात सोचते रह गए की इतने पैसे से वोह क्या क्या करे क्या क्या ख़रीदे और यह सब बाते वोह सिर्फ सोचते राहा.और इसी कारन उसका धंधा भी चपट हो गए दूकान पे आना भी बंध कर दिया ग्राहोक भी भागने लागा क्यों की वोह खुद दूकान पे नहीं रहता था.और दूसरा नुक्सान यह होता था की वोह मालिक ज्सिको मूची का भजन सुननेका बिमारी ठीक हो राहा था वोह फिरसे बीमार पढने लागे थे.

लेकिन एकदिन मूची को येह्सब बाते समझ में आया.फिर एकदिन मूची ने मालिक के bunglow में गया और बोला मालिक आपने जोह मुझे 10000 रूपया दिया था आप इससे अपोस राख लीजिये यह paise में नहीं ले सकता हु.मुझे समझ में नहीं आया की में इससे कैसे खर्च करू.इसी कारन में भगबान का नाम भी लेने भूल गया और दूकान पे भी नहीं आ पाया.और बोला की मुझे मेरा जोह काम है वोही पसंद है.फिर उसने सारे पैसे लौटा दिए.

तोह दोस्तों इस काहनी से से हामें यह सिख मिला है की पैस के लालच हामे आपनो से दूर ले जाता है आपने काम से भी दूर ले जाता है.और हाम भूल जाते है की ऐसे कोई शक्ति भी है जोह हामे बानाया है एक दुसरे से जुड़े राखते है.और आजकाल का महल में हर जाइगा में पैसे की बाते सुनने मिलता होगा की यह खरीदूंगा वोह करूँगा वोह खरीदूंगा यह busniess करूँगा इत्त्यादी इत्त्यादी.या फिर job करूँगा यह गाढ़ी में घुमुंगा मतलब यह बात सही है की आपने जीबन चाला ने के लिए पैसे चाहिए.लकिन यह बात बिलकुल गलत है की हाम पैसो को कामाने के लिए आपनो को ही भूल जाए.

दोस्तों आप खूब पैसे कामाये लेकिन उसके साथ साथ आपने पिता माता का सेवा कीजिये आपने भाई बहनों के साथ समय बिताए और आपने दोस्तों के साथ जुड़े रहिये.मेरा कहने का मतलब यह है की दिमाग में यह सोच ना राखे की सिर्फ पैस एही कामाना है.पैसे तोह आप कामा लोगे पार एक वक्त ऐसे आएगा सायद उस पैसे को पाताइ नहीं है की इससे खर्च काहा करना है और क्यों करना है.तोह सबसे पहले एक चीज जोह आपने अन्दर शक्ति बानाइ राखति है वोह है रिलेशनशिप आपके parents के साथ या फिर आपके रिलेटिव के साथ या आपके दोस्तों के साथ उनपे जादा काम कीजिये पैसे ऐसे ही आते रहेगा.आज नहीं तोह काल आपने काम पे अगर थोडा भी ध्यान है पैसे आ जायेगा तोह पैसे की जादा टेंशन ना ले.और इस काहानी आपके मन में कितना प्रभाभित हुआ वोह भी आप निचे कोमेंट सेक्शन में बाताने ना भूले.

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