हेल्लो दोस्तों आज एकबार फिर से आप सभीको internet sikho में बहुत बहुत स्वागत है.दोस्तों हम सब goa के बारे में तोह जानते ही होंगे की यह भारत का सबसे पसंदिता jaiga में से एक है.और  आज में इस पोस्ट के माध्यम से goa के बारे में और थोडा जानकारी देने वाला हु जोह सायेद आप नहीं जानते है.

Goa से जुड़े हुए कुछ अंजाने बातें
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goa काहा है?goa में क्या है?

दोस्तों पहले आपको बाता दू की goa एक छोटा राज्य है जोह भारत के पश्चिमी दिक् में आरब सागर के किनारे में अबस्थित है.और goa भारत के एक बहुत ही अपरूप सुन्दर पर्जटन स्थल है.और गोवा  एक ऐसा सहर है जाहा हर कोई एक बार वोह जाना चाहते है.और इसका खुबसूरत द्रिस्श्यो समुद्र के किनारे और राते के लाइट ही इसका एक अपरूप द्रिस्श्यो है.और इसी कारन हर साल 2 milion नेशनल और इंटरनेशनल नागरिक यहाँ पर्जटन करने आते है.

goa के बारे में कुछ आनोखी बाते

  • ऐसे goa भारत के सबसे छोटा राज्य हो सकता है लेकिन goa में बियर बार की संख्या बहुत अधिक है.और एक ख़ास चीज जोह goa में मजूद है और वोह भी एशिया के सबसे बड़ा चर्च और यह पोर्तुगालीधन को दिखाने के लिए बानाया गया था.और यह बिशाल चर्च पुराने गोवा  में बानाया गया था.और यह बिशाल चर्च 250 फीट लम्बा है और 181 फीट इसका चोव्राई है.और इस बिशाल चर्च में r चप्पले गुहा जोह बाकि दुसरे चर्चो से बहुत बड़ा है .और इससे पोर्तुगालिज वौइस् राइस ऋण देदो ने पुर्तगाल की समृद्धि और सान को दिखाने के लिए बानाया था.और यहे आज भी पोर्तुगाल को इतिहास को   संभालते हुए खाडा है .
  • भारत के पहला प्रिंटिंग प्रेस भी goa में ही लागाया गया था.1500 के दशक में जब पूरा भारत आपना दस्ता भेजो के लिखने के  लिए  कागज और कलम का इस्तेमाल कर राहा था तब गोवा  आपने दस्ताब्बाजो को प्रिंट करना सिख राहा था तब इग्नेतिसेस को  लिखे गए पत्रों के अनुसार जोह की father ges पार ने लिखा था एक समुद्री जाहाज से कुछ काम की मदत के लिय प्रिंटिंग प्रेस लाया गया था.और फिर इससे अपोस नहीं किया गया.और चूसेंन कॉलेज ऑफ़ सेंट पोल ने इससे इस्तेमाल करना शुरू कर दिया .और इसी तरह से भारत के पहली प्रिंटिंग press goa में स्थापित हुआ था.
  • गोवा का नयाल एविएशन म्यूजियम  एशिया का एक बिक्श्यातो म्यूजियम है. इस तरह के भारत में 6 म्यूजियम है .इस म्यूजियम में भारत नेवेल एशिया के इतिहास का झलक देखने को मिलता है.यह मोव मलो में अबस्थित   है .और इस म्यूजियम कोई 13 जाहाज  है जिसमे से शोर्ट सिगें ,nk टूर भी शामिल है.
  • हम सभी goa को पोर्तुगाली राज के रूप में जानते है.और यह सोचते है की पोर्तुगाली ने ही गोवा  ख्रिस्तानिटी लाया है.मगर रिपोर्ट कुछ और ही बताता है .पुर्तगाल शुरू में आपना धर्म का प्रचार करने में दिलचस्ती नहीं राखता था .इससे पहले क्योंहाहाते किसी और ने  इस काम को शुरू कर दिया था.goa इतिहास का डॉ एहुमं ने यह सिद्धांत का प्रस्ताब राखा और इसका प्रारंभिक भारतीयों इसाई ,सेंत और मस्के लाये थे जोह इसाई धर्म goa में लेकर आये है.और इसकी अबसेस आज भी पुरे राज्य में मिलता है.
  • goa के अधिकारिक भासा konknni है .जोह 5 अलग अलग भासा में लिखी और पड़ी जाती है.सालो पहले मंग्लोरे में जोह लोग साताये गए वोह भाग कर goa आये ,और उनके साथ धर्म ,संस्कृति और भासा भी आई .और आज भी वोह सब कोंकणी बोलते है लेकिन इससे कानाड में लिखते है .कोंकणी मलायलम और आरबी में भी लिखी गयी है .
Goa से जुड़े हुए कुछ अंजाने बातें
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  • goa medicale कॉलेज भारत के dr को शिक्षित करने और उचाई प्रदान करने के लिए भारत के पहला medical कॉलेज के रूप में यह स्थापित किया गया था.और यह निश्चित रूप से goa के तत्थ्य में से एक है जोह बहुत कम लोक ही सायेद जानते है.और यह  18बी सताब्दी में बानाया गया था,तब यह राज पुर्तगाली सासन का अधीन था.एशिया के सबसे पुराना medical कॉलेज में से एक यहाँ का पुस्तकालय भी है जोह 18बी सताब्दी के समय के पुस्तोको को जुड़े हुए सबसे पुराना पुस्तकालय माना जाता है.
  • बर्तमान दिन में हामारे हिंदुस्तान में हाजारो इंग्लिश  mediume स्कूल है लेकिन यह देखते हुए की goa की दोस्ती इंग्लिश के साथ बहुत पुरानी है और यह कोई आस्चर्ज्य होने का बात नहीं है की यहाँ देश का सबसे पुराना इंग्लिश मीडियम स्कूल था.goa निश्चित रूप से एक अनोखी भूमि है जोह आदर्ष के साथ साथ भारत के संस्कृति को भी जुड़े हुए है.
  • 1542 में  पोर्तुगालो ने goa में सासन किया है और उस समय के दोरान सेंत फ्रंचेस जेबिअर ने समाचार फेलाने का काम शुरू किया था और उन्होंने कोई लोगो के मदत करने में सहायता का भूमिका निभाया था.और 1552 में उन्होंने चीन में च्रिस्तानिटी का प्रचार करने का जोजोना बानाया था.वोह एक बादशा का हिस्सा था,जोह की चीन छोर चूका था.लेकिन बादशाह के सदस्स्य ने यह यात्रा ख़तम नहीं की सेंत आपनी यात्रा जारी राखा और आता है मोकाओ में उतरे और मोकाओ में उनका मृत्यु हो गया .और उनके शारीर को 1553 में goa लाया गया है ,और उनके शारीर को एक काच के डब्बे में मोड़ा गया है जोह की आज भी गोवा   में है और उनकी बॉडी आज भी ऐसे ही एक गूम जीजस चर्च में रखा गया है.
  • जोह लोग goa नहीं गया है और वोह लोग सिर्फ सोचते है की  वोह सिर्फ समुद्र ही है लेकिन यह राज्य 30% से जादा जंगल मे भरा है .और यहाँ 200 से जादा पक्षियों के प्रजाति दिखाई देता है.और यहाँ कोई प्रकार के मसाले भी मिलता है .
  • goa भारत का एकमात्र एक ऐसा सहर है जाहा आप बाइकर को भी आप लिफ्ट के लिए पूछ सकते है.बास्ताब में किसी आजनाबी के साथ सावारी करने की चिंता किये बिना आप उससे भुगतान कर सकते है.गोवा  मोटरसाइकिल और टैक्सी से भरा है .और इन बाइकरस को पायलट काहा जाता है.और यह बहुत ही सस्ते में आपको घुमने का बेबोस्था देते है.goa देश में इतिहास को आपने अंदर दाबाये हुए है ,आगर आप भारत में रहते है तोह आपको goa में एकबार जरुर जाना चाहिए .आपको वोह  इंडियन और फोरन कल्चर का फ्यूज़न जरुर देखने को मिलेगा.

 

तोह दोस्तों यह था goa से जुड़े हुए कुछ अंजाने बाते जोह सायेद हमसब नहीं जानते थे.और मुझे उम्मीद है की आप भिओ आगर कभि goa जाने का  प्लान करते है तोह जरुर एकबार येह्स्ब चीजो को एकबार देखना चाहोगे.और यह जानकारी आपको कैसा लागा आप मुझे कमेंट बॉक्स में कमेंट करके बाताना ना भूले.और इस पोस्ट को आपने दोस्तों के साथ भी शेयर करना ना भूले ताकि उससे भी goa से जुड़े हुए चीजो के बारे में पाता चले.और ऐसे ही हर दिन एक नए नए पोस्ट आपके मेल बॉक्स में पाने के लिए internet sikho को subscribe करना ना भूले.

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