Raksha Bandhan क्यों मानाया जाता है ?Raksha Bandhan की पूरी जानकारी

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Raksha Bandhan क्यों मानाया जाता है ?Raksha Bandhan की पूरी जानकारी

Raksha Bandhan क्यों मानाया जाता है ?Raksha Bandhan की पूरी जानकारी

हेल्लो दोस्तों आज एकबार फिर से आप सभी को internet sikho में हार्दिक स्वागत है .और आज में आपको बाताऊंगा की Raksha Bandhan से जुड़े हुए कुछ पौराणिक काहानी .दोस्तों ऐसे हम सभी जानते है की स्र्व्वान के महीने में हामारे देश में Raksha Bandhan का तोहार मानाया जाता है .और   हांम यह भी जानते है की यह भाई बहन का ख़ुशी का तोहार है .और इस दिन में हम बहन भाई को राखी बंधते है और भाई के लिए अछे दुआए मांगते है  और भाई के ख्याल राखने का बाधा करते है   और  भाई आपने बहन का पूरा सुरक्षित राखना और उसका ख्याल  रखने का बाधा करते है .लेकिन यह तोह भाई बहन का तोहार है यह सभी को पाता है .लेकिन बात आता है की Raksha Bandhan क्यों मानाया जाता है  और इसके पीछे क्या ऐसा काहानी है जिससे सिर्फ भाई और बहन के बिच में ही Raksha Bandhan किया जाता है ,आपके  मन में यह भी सवाल आ सकता है की भाई बहन के अलावा और दुसरा कोई रिश्तो में   क्यों यह Raksha Bandhan नहीं  करते है ?तोह दोस्तों आपके मन में जोह भी सवाल चल रहा है उसके सारे जवाब आपको इस पोस्ट के माध्यम से मिल जाएगा .तोह दोस्तों कृपया करके पूरा पोस्ट को ध्यान से पढ़े आपको Raksha Bandhan से जुड़े हुए पूरी जानकारी इस पोस्ट के माध्यम से देने वाला हु .

 

Raksha Bandhan क्यों मानाया जाता है ?

सावन के महीने आते ही भारत के हर एक कोने में राखी के दिन के लिए इन्तेजार करते रहते है .अगर किसीके साथ कोई भी रिश्तेदारी ना होने के बाद भी राखी से भाई बहन का बंधन निभाने का मोका मिलता है .और यह  raksha bandhan प्रचालन तोह महाभारत के समय से ही चलते आरहा है .तोह  चलिए    अब जान लेते है की महाभारत से कैसे जुड़े है Raksha Bandhan के तोहर जोह की महाभारत से चलते आरहा है .

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raksha bandhan से जुड़े हुए काहानी

तोह इसमें महाभारत से जुड़े हुए काहानी   तोह होना ही है .भगवान् श्री कृष्णो को श्रीति देवी नाम के एक चाची था और उसने और उसने शिशुपाल नामके एक बिक्रूध  बच्चे को जनम दिया था.और जब उस बिक्रूध बछा बड़े होता  है तब पाता चलता है की जिसके स्पर्स से शिशुपाल सुस्त होगा उसके   हाथो में वोह मारा भी जाएगा .और एक दिन श्री कृष्णा ने आपने चाची के पास आया था और   जैसे ही ही श्रीति देवी ने आपने बच्चे को श्री कृष्णा के हाथो पे राखा और वोह बाछा सुन्दर हो गया और श्रीति देवी उसके बच्चे के बदलाब देखकर बहुत खुस हो गया ,लेकिन  जैसे आपको बाताया की जिसके स्प्रसो में सुस्त होगा उसीके हाथ में वोह    मारा     भी   तोह इस बात से श्रीति देवी के मन में कही ना कही दुःख हो रहा है .और    वोह बच्चे श्री कृष्णा के हाथो से सुस्थो होने से बिचलित हो गया और श्रीति देवी भगवान श्री कृष्णा के सामने रोते हुए प्रार्थना करने लागे ,और बोले की भाले ही शिशुपाल कोई गलती कर बैठे उसके श्री कृष्णा के हाथो में साजा   नहीं मिलना चाहिए .लेकिन भगवान् श्री कृष्णा ने   श्रीति देवी से   बाधा   किया और काहा की में उसके    गलतियों को माफ़ कर दूंगा ,लेकिन वोह अगर 100 से जादा गलती कर लेता  है तोह में उससे साजा देने में   मजबूर रहूँगा .

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raksha bandhan का तोहार कैसे शुरू हुआ था ?

कुछ सालो बाद शिशुपाल    बड़ा होकर चेदी नामके एक राज्ज्यो का रजा बन गया .वोह तोह एक राजा तोह था ही और साथ में श्रीकृष्ण के    रिश्तेदार भी था .लेकिन शिशुपाल धीरे धीरे एक क्रोध राजा बनते जा रहा था ,और वोह आपने राज्ज्यो के लोगो को बहुत साताने लागा और बार बार भगवान् श्री कृष्णा के भी निंदा करने लागा .एक समय तोह पूरी तरह से भरे हुए राज्ज्यो सभा में भी भगवान् श्री कृष्णा के निंदा की .और उसी दिन शिशुपाल के 100 गलती के सीमा पार कर गया था .और उसी वक्त भगवान् श्री कृष्णा ने आपने सुदर्शन चक्रों शिशुपाल के    ऊपर छोर दिया इससे उसका सर काट गया और उससे जान देना पड़ा और  इसका येही कारण है की शिशुपाल को बहुत चेतावाली मिलने के बाद भी वोह नहीं सुधरे और अंत में   उससे उसके साजा मिल गी गया है.और आपको यह   भी बाता दू की भगवान् श्री कृष्णा क्रोध   में जब सुदर्शन चक्रों को छोर राहा था तभी श्री कृष्णा के     उन्गिलियो पे भी चोट लागा था .और भगवान् श्री कृष्णा के आमने सामने रहने वाला लोग भगवन श्री कृष्णा के हाथ के चोट पे कुछ बाँधने के लिए सब लोग इधर उधर भागने लागा था .   लेकिन उहा पे खड़ी हुयी द्रोपोदी बिना सोचे समझे आपने सारी के एक कोने   को फाड़ के श्री कृष्णा के उंगलियों पे बांध दिया और  भगवान न्श्री  कृष्णा द्रोपोदी को  काहा की सुक्रिया मेरे प्यारे बहना   तुमने मेरे कस्ट   में    साथ दिया तोह में भी    तुम्हारे कस्ट में साथ देने का बाधा करता हु .और यह बोलकर ही भगवान्     श्री कृष्णा ने द्रोपोदी को उनके raksha करनेका बच्हन दिया था .और इस घटना के     बाद से ही raksha bandhan का प्रारंभ   हो गया .और जब   बाद में कौरे उन्हें पूरी रात राज्ज्य्सभा के सामने द्रोपोदी  के सारी खीचकर उन्हें बस्त्रा हरण करके  उसका अपोमान करने का कौशिश कर राहा था तब श्री कृष्णा ने      द्रोपोदी को बाचाकर अपना बाधा पूरा किया था .और उस पौराणिक जुग से लेकर आजतक बहने आपने भाई को राखी बाँध रही है और भाई   बदले में जीवन भर आपने बहन के रक्षा करने   का बच्हन देते आरहा है .

raksha bandhan के तोहार में और क्या क्या मानाया जाता है

और यह सावन महीने के पूर्णिमा तिथि   पार राखी के अलावा कुच्छ और तोहार भी मानाया जाता है ,इस दिन    ओडिशा और पश्चिम बंगाल    में   कुछ लोग राधा और श्री कृष्णा के मूर्तियों को पालने में राखके झुला भी झुलाता है .जिससे झूलन पूर्णिमा कहते है .और   उत्तर   भारत के कुछ राज्ज्यो में इस सुभ दिन पार गेहू के बिच बुनते है और इस दिन को woha काजरी पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है .महाराष्ट्र और केरल के लोग इस दिन को नार्ली पूर्णिमा बोलते है .और वोह समुद्र देवता के पूजा करते है हालाँकि इस दिन कोई        तरह के खुसिया के रूप में मानाया जाता है .लेकिन   जोह सबसे लोकोप्रियो और आसली तोहार होता है वोह raksha bandhan .तोह दोस्तों यह था raksha bandhan से जुड़े हुयी पूरी काहानी .

साथ पाले हुए और साथ बड़े हुए

बहुत मिला बचपन में प्यार  

और अब भाई बहन का प्यार बढ़ाने के 

लिए आया है राखी बंधन  के तोहार 

हैप्पी  रक्षा बंधन 

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मुझे उम्मीद है की आपको यह जानकारी पसंद आएगा .और इस raksha bandhan के तोहार से जुड़े हुए आपके पास भी कोई जानकारी है तोह वोह आप मेरे साथ साथ शेयर कर सकते है कमेंट के माध्यम से .और इस पोस्ट से जुड़े हुए आपको कोई सावाल पूछना है तोह वोह भी आप मुझसे कमेंट के जरिये पूछ सकते है .में जरुर आपके सावाल का जवाब देने का पूरी प्रयास करूँगा .और यह जानकारी आपको अच्छा लागा है तोह आप भी आपके दोस्तों के साथ इस पोस्ट को शेयर करे ताकि उन्हें भी इस raksha bandhan के सुभ दिन के बारे में पूरी जानकारी मिल सके .और इसी तरह के हर दिन एक नए posts को आपने मेल box में प्राप्त करने के लिए internet sikho को subscribe करना ना भूले जिससे आपको हर एक पोस्ट के अलर्ट आपके मेल बॉक्स में आते रहेगा और आप उससे कभी भी पढ़ सकते है .तोह दोस्तों subscribe  करके हामे आगे भी इस्सी तरह से आपके मदत करने में सहयोग दे .

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हेल्लो दोस्तों मेरा नाम मिथुन है ,और में वेस्ट बंगाल से हु ,और जब के लिए फिलहाल मुंबई में रहता हु .और यह वेबसाइट को मैंने 2016 में बानाया हु.और मुझे इस वेबसाइट का बानाने का मकसद यह है की लोगो को इन्टरनेट के माध्यम से हर एक तरह के जानकारी देकर उनका मदत कर सके ,और इसीलिए में इस वेबसाइट का नाम internetsikho.com राखा है.और इस साईट में आपको latest internet से जुड़े हुए tips ,tricks ,social tricks ,indian history ,share market basic tips ,technical analysis ,love tips.motivation story,love story,love tips, mumbai darshan,lifestyle,blogging से जुड़े हुए हर तरह के जानकारी हिंदी में दिया जाता है.और मुझे उम्मीद है की आपको इस साईट में दिए हुए जानकारी से हरदिन कुछ ना कुछ नया सिखने और जानने को मिलेगा .और कृपया करके आपके दोस्तों के साथ भी इस साईट के बारे में बाताये और ऐसे हामारे साथ बने रहे ,और हरदिन कुछ नया जानते रहिये और सीखते रहिये क्यों की सिखने का नाम ज़िन्दगी.

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