हेल्लो दोस्तों आज एकबार फिरसे आप सभीको internetsikho में बहुत बहुत स्वागत है.दोस्तों आज में आपलोगों के बिच एक ऐसे सफल और interesting काहानी के बारे में बाताने जा राहा हु जोह की हामारे सोच बदलने के लिए मजबूर कर देगा.और यह भारत के एक ऐसे सफल busniessman है जोह की सिर्फ भारत में ही नहीं वल्कि बाहार के देशो में भी यह बहुत प्रसिद्धो है.और उस कंपनी के के बारे में ऐसे तोह हाम सभी जानते ही है.जी हा में वोही TATA कंपनी के बात कर रहा हु जिनके मालिक है ratan tata .  और हाम इस पोस्ट में जानेंगे की ratan tata कैसे आपने कंपनी को इतने उच्चो सिखर पार लेकर जाने पे सफल राहा .और उन्हें इतने बड़े कंपनी को खाडा करने में क्या क्या करना पढ़ा था उसके बारे में भी जानेंगे.और साथ में ratan tata के जीबन काहानी से सम्बंधित जुड़े हुए सारे बाते आपलोगों के साथ शेयर करनेका प्रयास है इस पोस्ट के माध्यम से.

RATAN TATA की जीबन काहानी हिंदी में 

दोस्तों आज में बात करने जा राहा हु TATA group के CEO ratan tata के जीबन काहानी के बारे में.उनके जीबन के एक एक ऐसे पड़ाव के बारे में जानेंगे जिसमे उन्हें आपने सफलता से आपने अपोमानो का बदला लिया था.इनके जन्म 28 dec 1932 को मुंबई में हुआ था.और यह टाटा ग्रुप के फाउंडर चमसेद जी के पोते है.1991 में उन्हें टाटा ग्रुप का चेयरमैन बानाया गया था.उसके आने के बाद में ही tata consultency services का शुरुवात हुआ था.उसके बाद उन्होंने tata tea,tata motors,tata steel जैसे कंपनियों को सफलता के सिखर पार पहुचाया.भारत सरकार ने ratan tata को 2 बार पदम ब्रिभूशन द्वारा सम्मानित किया.और आपको बाता दू की यह सम्मान देश के तीसरे और दुसरे सर्बोच्चो नागरिक का सम्मान है.और आजके दिन में tata के busniess दुनिया के 100 से भी जादा देशो में फैला हुआ है.और उनकी कंपनी में करीब 6.5 लाख से भी जादा लोग काम करते है.और सबसे बड़ी बात है की tata group में वोह आपने faide का 66% चैरिटी में दान कर देता है.

ratan tata से जुड़े हुए एक रोमांचक काहानी

दोस्तों इनके जीबन में एक ऐसे सच्चा काहानी है जिसके वजह से ही वोह आज इस सिखर पार खाडा है वोह है अपने अपोमान का कारारा जवाब आपने सफलता से दिया था.यह बात उस समय का है जब tata group ने 1998 में  जब tata indica car निकाला था और यह ratan tata का ड्रीम प्रोजेक्ट भी था.इसके लिए उन्होंने बहुत महनत किया था.लेकिन दुर्भाग्ग्यो के कारन यह बन गया की उस समय उस car को मार्किट में इतना आछा response नहीं मिला था.जिसके कारन कुछ सालो बाद tata motors घटे में जाने लाग गया था.tata motors के साजेदारो ने ratan tata को car busniess में हुए नुक्सान की कृति के लिए कंपनी को बेचने को काहा.और ना चाहते हुए भी ratan tata को आपने दिल पार पाथर राखकर यह काम करना पढ़ राहा था.

लेकिन वोही tata motors के साजेदारो के साथ आपने कंपनी को बेचने का प्रस्ताब किया था.और वोह ford कंपनी के पास ले गए.जिसका head quater अमेरिका में है .ford कंपनी के साथ ratan tata और उनके parents की मीटिंग 3 घंटा तक चली.फिर ford की चेयरमैन बिल फोर्ड ने ratan tata के साथ बहुत आछे से समझाया और कुछ सावाल पूछा.और बाते बाते में यह कह दिया की जब तुम्हे इस busniess के बारे में कोई जानकारी नहीं है त्तोह फिर इस कार को लांच करने में तुमने इतने पैसे क्यों खर्च किये.और इसीलिए हाम तुम्हारे कंपनी को खरीदकर तुम पार अहसान कर रहे है.और यह बात ratan tata के दिल पार लाग गया था.और वोह रातो रात आपने पार्टनर के साथ उस डील को cancel करके आपोस चले आया.बिल फोर्ड के उन् बातो को ratan tata भुला नहीं पा राहा था.उनके दिमाग में बार बार वोही बात आ राहा था.उसके बाद ratan tata ने आपनी कंपनी किसी को भी ना ना बेचने का संकल्प किया.और उन्होंने आपनी पूरी जी जान लागा दिया.और देखते देखते tata के कार की busniess एक आछी खासी लाइन में आने लागे थे.इससे उन्हें आछा ख़ासा मुनाफ़ा भी होने लागा.और वोही दुसरे तरफ फोर्ड कंपनी फ्लॉप में चल राहा था.

और 2008 के अंत में जब दिवालिया होने की समय आई तोह टाटा के कार की बिक्री और बाढ़ी.उस समय ratan tata ने फोर्ड कंपनी के सामने उनके luxury कार जेट वारे और land roar को खरीदने का प्रस्ताब दिया था.और बदले में फोर्ड को आछा ख़ासा पैसा देने के लिए भी तैयार था.क्यों की बिल फोर्ड पहले से ही jet ware और land roar के वजह से नुक्सान झेल झेल के चल राहा था.और उन्होंने यह प्रस्ताब ख़ुशी ख़ुशी मान लिया था.बिल फोर्ड उसी तरह आपने साजेदारी के साथ टाटा कंपनी के मीटिंग पार पहुचे.जैसे कभी ratan tata और बिल फोर्ड से मिलने उनके office में गए थे.

मीटिंग में ये बात हुआ था की jet ware और land roar bran 9300 cr. में टाटा कंपनी का होगा.इस बार भी बिल फोर्ड ने वोही रास्ते पार आई जब उन्होंने ratan tata से कही थी.फर्क सिर्फ इतना था की इसबार बात थोडा deep था.बिल फोर्ड ने काहा की आप हामारी कंपनी को खरीदकर हामपार बहुत बड़ा अहसान कर रहे है.और आज वोही jet ware और land roar टाटा कंपनी का हिस्सा है.और बाजार में बहतर मुनाफ़ा के साथ आगे बढ़ राहा है.ratan tata अगर चाहते तोह बिल फोर्ड की उसी मीटिंग में ही उनका जवाब दे सकता था लेकिन ratan tata आपनी सफलता के नशे में चूर नहीं थे.येही तोह कुछ गुण है जोह की एक सफल और एक महान इंसान का बिच का अंतर दर्शन दिखलाता है.जब बेकती अपोमानित होता है तब उसका परिनाम क्रोध होता है.लेकिन महान लोग आपने क्रोध का सही उपोयोग करके आपने लिए लक्ष्य को प्राप्त करनेका प्रयास करता है.

दोस्तों आज इस पोस्ट में मैंने आपको ratan tata से जुड़े हुए उनके सफलता के बारे में बाताये है,और साथ ही साथ यह भी बाताये है की उनके busniess के इस सफलता के पीछे उसका क्या राज छुपा है.तोह इनके इस काहानी से आपको क्या सिखने मिला वोह आप जरुर निचे कमेंट box का उपोयोग करके हामे कमेंट के द्वारा आपने सुझाब दे.

 

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