हेल्लो दोस्तों आज एकबार फिरसे आप सभीको internet sikho में बहुत बहुत स्वागत है.दोस्तों आज जोह काहानी के बारे  में बाताने जा राहा हु वोह बहुत ही interesting  एक motivational स्टोरी में से एक है.और इस काहानी को पढ़कर हाम जानेंगे की भगबान के पास भी कुछ प्लान होता है हाम सबके लिए.यह जोह कुछ भी आपके साथ आछा या बुरा हो राहा है वोह सब प्लान के हिसाब से ही होता है.

जब आप कोई भी काम करने जाते है और वोह काम रुख जाता है और आप यह सोचने लाग जाते है की भगबान आपके साथ नहीं दे राहा है जोह भी आप करने जा राहा है वोही फ़ैल हो जाराहा है.तोह प्लीज आप इस topic को ध्यान से पढ़िए तोह आपको यह एक बात का एहसास होगा की भगबान ने जोह भी आपके साथ करता है वोह अच्छे के लिए ही होता है.चलिए फिर आपको काहानी के बारे में बाताते है तब आपको और आछासे से समझ आएगा.

भगबान के भी कुछ प्लान होता है

एकबार की बात है भगबान से उनका भक्त प्रार्थना करता है की भगबान जी आप कोई बर्षो से इस मंदिर में एक ही jaaiga पे खाड़े खाडे बहुत थक गए होंगे.एक दिन के लिए में आपकी jaiga में मूर्ति बनकर खाडा हो जाता हु आप मेरे रूप धारन करके घूम आईये.

भगबान जी उसके बात को मान जाते है.लेकिन एक शर्त बाताते है की जोह भी लोग प्रार्थना करने आएगा तुम बास उनका प्रार्थना सुन लेना कुछ बोलना नहीं है.में उन सभीके लिए प्लानिंग कर राखे है.भक्त मान जाते है और भगबान जी इस भक्त को आपनी jaiga पे खाडे करके चले जाते है.

GOD'S PLAN BHAGBAN KA BHI KUCH PLANING HOTA HAI

फिर कुछ समय बाद मंदिर में एक busniesman आता है और कहता है की हे भगबान मैंने नयी फैक्ट्री डाली है उससे खूब सफल करना है.और वोह busniesman माथा ठोकता है और उस टाइम उनके जेब से money पर्स गिर जाता है.और वोह busniesman पर्स भूलके चले जाते है.भगबान के jaiga पे खड़े भक्त बेचैन हो जाता है और वोह सोचता है की उससे रोखकर उससे बाताये की उसका पर्स गिर गया है.

लेकिन भगबान जी की शर्त के वजह से वोह ऐसा नहीं करता है.इसके बाद मंदिर में एक गरीब आदमी आता है.और भगबान को कहता है की हे भगबान घर में खाने को कुछ भी नहीं है मदत कीजिये मुझे.तभी अचानक उस गरीब बेकती का नजर उस busniesman की गिरी हुयी पर्स पार जाता है.

और वोह उससे उठा लेता है और उससे भगबान का दिया हुआ दान समझकर लेके चला जाता है.अब तीसरे बेकती आता है वोह एक नाबिक है और वोह भगबान से कहता है की हे भगबान में 15 दिनों के लिए दूर समुद्रो यात्रा पार जा रहा हु मुझे अशिर्बाद दीजिये ताकि यात्रा में कोई संकोच ना आये.तभी पीछे से busniesman police लेकर आजाते है और कहता है की मेरे बाद यह नाबिक ही इस मंदिर में आया और इसीने मेरा पर्स चुराया है.police नबिक को पकड़कर जेल लेकर जा रहे है.

तोह फिर भगबान की जगह पार खाडा भक्त को क्रोध आजाता है और पूरी सच police को बाता देता है.और उसके सबकुछ सुनने के बाद police उस नाबिक को छोर देता है,और उस गरीब आदमी को पकड़कर लाके जेल में भर देते है.रातको भगबान जब अपोस आते है तोह भक्त ख़ुशी ख़ुशी पूरा सच्चाई बाताते है.और भगबान गुस्से में होकर कहते है तुमने किसीका काम बानाया नहीं है सिर्फ बिगाड़ा है.

वोह busniesman गलत धंधे करता है अगर उसके पर्स गिर भी गया तोह उससे उसका कोई फर्क नहीं पड़ता है.इससे उसका पाप भी कम हो जाता था.क्यों की वोह पर्स गरीब इन्सान को मिला था.और पर्स मिलने पार उसके बच्चे भूखे नहीं मरते थे.और रही बात नाबिक की वो कोई यात्रा पार जा राहा था वोहा तूफ़ान आनेवाला था अगर वोह जेल में होता तोह वोह जान से बंच सकता था.उसकी पत्नी बिध्बा होने से बंच सकता था.तोह तुमने येह्सब गड़बड़ कर दिया.

दोस्तों हामारे जीबन में भी ऐसे बहुत सारे प्रोब्लेम्स आते है ,और हामे लागता है की ऐसा मेरा साथ ही क्यों होता है लेकिन ध्यान रहे इसके पीछे भगबान की ही प्लानिंग बना हुआ रहता है.तोह जब भी कोई प्रॉब्लम आये तोह आप उस प्रॉब्लम से परेशान ना होए क्यों की भगबान जोह भी करते है अच्छे के लिए ही करते है.

तोह दोस्तों आजके यह काहानी कैसा लागा आपको वोह जरुर मुझे कमेंट करेक बाताये.और इस काहानी से जुड़े आपके कोई सुझाब है तोह वोह भी आप मेरे साथ शेयर कर सकते है.

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