इंसान मरने के बाद भी उसके मोबाइल से मेसेज आना कैसे सम्ब्हब है?

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इंसान मरने के बाद भी उसके मोबाइल से मेसेज आना कैसे सम्ब्हब है?

हेल्लो दोस्तों आज एकबार फिरसे आप सभीको Internetsikho में बहुत बहुत स्वागत है.दोस्तों आजके जोह कहानी आपलोगों के बिच शेयर करने जा रहा हु वोह आप पोस्ट के हैडलाइन को देखकर हेरान हो रहे होंगे और साथ ही साथ आप बिस्वास नहीं कर रहे है.क्यों की हम सभीको इस दुनिया के बारे में पता है की जोह इंसान एक बार इस दुनिया से चला जाता यानि की उनके मौत हो जाता है तोह उसको इस दुनिया से किसी भी चीजो से मतलब नहीं रहता है.लेकिन हम यह मानते है ना की अपने करीबी लोग जैसे माता,पिता,भाई, बहन,दोस्त अगर हम कभी खोते है तोह उसके यादे हमें ज़िन्देगीभर रह जाता है.और हम उनको ना भूलने के लिए अलग अलग पक्रियाये अपनाते है जैसे की उसके तस्वीर को देखना,उनके बातो को सुनना,उनके इस्तेमाल किये हुए चीजो को छूना इस तरह से लोग अलग अलग तरह के तरीका आपनाते है.ठीक उसी तरह इस पोस्ट में एक बेटी और उसके खोये हुए पिता के एक सच्चा  काहानी सुनाऊंगा जिससे हामे यह एहसास हो सकता है की अगर हम किसिको दिल से चाहे तोह उससे मिलाने के लिए भगबान भी मजबूर हो जाता है उससे मिलाने के लिए.ठीक इसी तरह यह कहानी में उसके मरे हुए पिता को मिल जाता है,तोह कृपया करके पोस्ट को पूरा पढ़े उम्मीद है यह काहानी आपके दिल को छू लेगा.

इंसान मरने के बाद भी उसके मोबाइल से मेसेज आना कैसे सम्ब्हब है?

क्या मरे हुए इंसान से कभी बाते हो सकता है?

यह ब्रिटेन की एक लड़की की काहानी है.जब उस लड़की की उम्र 13 साल था तब वोह उसके पिता को इस दुनिया से खोया था.लेकिन वोह यह बात को मान ही नहीं पा रहा था की उसके पिता का मौत हो गया है.इसलिए वोह आपनी मन की बात और रोज उसके पुरे दिन की गतिबिधि उनके पापा के मोबाइल पार मेसेज करके भेजता था.यह करके उनको सुकून मिलता था और उनके पिता उनके करीब है ऐसा महसुस होता था.ऐसे ही चार साल बेटी ने उसके पिता के मोबाइल नंबर पार भेजता रहा.लेकिन कोई replay नहीं आता था फिर भी लकड़ी ने कभी हार नहीं माना,और वोह मेसेज करना कभी बंध नहीं किया.ऐसे ही चलते चलते जब उनके पिता को मरे हुए 4 साल होने को आया और जब वोह दिन आया तोह लड़की ने आपने आपको रोक नहीं पाया और बहुत ही बड़ा एक मेसेज उस दिन भेज दिया.मेसेज में क्या लिखा है वोह आप निचे देखे.

 

-मरे हुए पिता को भेजा हुआ बेटी का मेसेज –

पापा आज का दिन फिरसे मेरे लिए काफी मुस्किल का होगा.क्यों की आपको खोये हुए 4 साल हो गया है,और एक दिन भी ऐसा नहीं हुआ की मैंने आपको मिस नहीं किया.इस 4 साले के बिच बहुत कुछ हो गया है.मुझे पता है की आप सब जानते है क्यों की मैंने आपको हर एक बात आपको बाताई है की में कैंसर से पीड़ित रहा हु.लेकिन मैंने आपसे बाधा किया है की में अपना ख्याल रखूंगी.मेरा collage ख़तम हो गया है और graduation भी कर लिया इस बिच हामे पयार भी हुआ और दिल भी टुटा.लेकिन में फिर से मजबूत होकर खड़ा हुआ.

मेरे सारे दोस्त छुट गए लेकिन एक दोस्त है जोह मुझे अबतक संभाले हुए है.हमारे बिच अभी कोई बच्चा नहीं है.लेकिन होंगे तोह हमें बहुत खुसी होगा और उसके लिए हाम दोनों तैयार है.में आज भी पहले जैसा ही माँ के साथ मस्ती करते रहता हु और उनके ख्याल भी राखता हु.मुझे माफ़ करना में तब आपके पास नहीं थी जब आपको मेरी सबसे जादा जरुरत थी.

मुझे साधी से डर लागता है क्यों की तब साधी की जायगा तक का सफ़र मुझे एकला करना पड़ेगा.आप यह बाताने के लिए वोहा नहीं होंगे की सब आछा होगा.और में मजे में हु यह सुनकर आपको गर्व होगा.ना ही मेरा बातो करना और मेरा attitude जारा भी नहीं बदला है.मेरा वजन भी नहीं बढ़ा  है.और में सिर्फ आपको इतना कहना चाहता हु की में आपसे बहुत पयार करती हु और आपको हर एक पल बहुत मिस करती हु.

और इस मेसेज के बाद पिता से रहा नहीं गया है.और चार साल में पहली बार हुआ है की पिता के नंबर से जवाब आ ही गया है.और जवाब भी कुछ ऐसा था जिससे पढ़कर उसके आँखे नाम हो गया,मरे हुए पिता से आया हुआ बेटी के पास मेसेज जोह आपको निचे बाताये है,

-मरे हुए पिता से आया हुआ मेसेज बेटी के पास-

प्यारी बच्ची,में तुम्हारे पिता तोह नहीं हु लेकिन पिछले चार सालो से मुझे तुम्हारे सारे मेसेज मिल रहा है.मे तुम्हारे सुबह के और शामके मेसेज पढता हु.मेरा नाम xyz है और मेने आपनी बेटी की 2 साल पहले एक car accident में खो दिया था.लेकिन तुम्हारे मेसेज ने मुझे जिंदा रखा है.जब तुम मुझे मेसेज भेजती हो तोह मुझे लागता है की यह मेसेज ऊपर वाले ने भेजा है.लेकिन मुझे आफसोस है की तुमने आपने बहुत करीब शक्स को खोया है लेकिन में इतने सालो से तुम्हे सुन रहा हु और तुम्हे बढ़ा होते देख रहा हु.

में सालो से तुम्हारे संदेशो का जवाब देनेको चाहा था लेकिन तुम्हारा दिल तोडना नहीं चाहता था.क्यों की तुम एक असाधारण महिला हो और में उम्मीद करता हु की मेरी बेटी भी तुम्हारी तरह ही होती.रोजाना के अपडेट देने के लिए तुम्हे तह दिल से शुक्रिया.

तुमने मुझे याद दिलाया है की इस्वर है और उसमे उसका कोई दोष नहीं है की मेरी बेटी आज मेरे साथ नहीं है.उसने मुझे मेरे बेटी के रूप में तुम्हे दे दिया है.

मेरे नहीं सी परी सबकुछ अच्छा होगा .तुम भी हर रोज बिस्वास से भरी रहो इश्वर ने जोह रौशनी तुम्हे दी है उससे चमकती रहो मुझे अफ़सोस है की तुम्हे इनसब से गुजरना पढ़ा लेकिन इससे अगर थोडा सा भी बेहतर होता है तोह मुझे तुम पार गर्व होगा.आपना ध्यान राखना और में तुम्हारे काल की मेसेज का इन्तेजार करूँगा.

 

दोस्तों इस कहानी से हमें यह अनुमान हुआ है की इस चार साल बाद ही सही उसे एक नए पिता मिल गए और इन संदेशो ने उसके जीबन में खुसिया भर दी है.एक पिता को बेटी मिल गयी और एक बेटी को पिता.कभी कभी इस तरह की सच्ची घटनाये याद दिला देता है की भगबान हामारे आसपास ही है और हमारे लिए अच्छा ही सोच रहा है.तोह उम्मीद है आपको यह काहानी पसंद आया हो.आपके मतामत हामे इस पोस्ट के कमेंट box बाताये.धन्यबाद.

हेल्लो दोस्तों मेरा नाम मिथुन है,और में इस वेबसाइट को 2016 में बानाया हु.और इस वेबसाइट को बानानेका मेरा मूल मकसद यह है की लोगो को इन्टरनेट के माध्यम से हिंदी में इन्टरनेट की जानकारी प्रदान करना.इसीलिए इस वेबसाइट का नाम Internetsikho राखा गया है.

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