MONEY GOD DAHN YAA BHAGBAN

0
पैसा धन और भगबान इसमें से क्या जरुरी है एक सुखी जीबन बिताने के लिए?

हेल्लो दोस्तों आज एकबार फिरसे आप सभीको INTERNETSIKHO में बहुत बहुत स्वागत है.दोस्तों आज में आपलोगों के साथ एक बहुत ही internesting topic शेयर करने जा राहा हु.और इस topic के माध्यम से हाम पहचान सकते है की हामे सबसे जादा प्रेम किससे धन से या भगबान से.तोह इस interesting फैक्ट को एक काहानी के साथ समझाने वाला हु जिससे आप बहुत ही आसानी से समझ सकते है की हामे सबसे जादा प्रेम किस चीज में है.

पैसा धन और भगबान इसमें से क्या जरुरी है एक सुखी जीबन बिताने के लिए?

एकबार एक नगर में राजा के वोहा एक पुत्र पैदा हुआ इस खुसी में राजा ने पूरी राज्ज्य में घोषना करवा दी की काल पुरे जनता के लिए राज दरवार खोल दिया जाएगा.औ र्जोह बेकती सुभे आकर सबसे पहले जिस चीजको हाथ लागायेंगे वोह उसकी हो जाएगा,यह सुनकर पूरी राज्ज्य में खुसी का महल बन गया था.

सारे लोग खुसी के मारे नाच रहे थे.कोई कह राहा था की में तोह सोने के ग्लास को हाथ लागाऊंगा,और  किसीको  घोड़े का शौक था इसीलिए बोल राहा था उसी तरह से सारे लोग रातभर सपने देखते रहे और सोचते रहे की की वोह सुभे किस चीज को सबसे पहले छुएंगे.और सुभे जैसे ही दरवार खुला सारे लोगो को राज दरवार में स्वागत किया गया.जैसे सबको अन्दर आनेका आमंत्रण दिया गया तोह सभी लोग राजमहल में राखी चीजो पार झपट पढ़े.सभी के मन में यह डर था की उनके पसंदिता चीजो में कोई पहले आकर  उस चीज को हाथ ना दे दे.

पैसा धन और भगबान इसमें से क्या जरुरी है एक सुखी जीबन बिताने के लिए?

 

तोह उधर दोड़ने लगे और कुछ ही देर बाद राजदरवार का महल बहुत जादा बिगड़ गया सरे लोग इधर उधर दोड रहे थे आपने चीजो को हाथ लागाने के लिए.राजा  आपने  सिंघासन में बैठकर सिर्फ येह्सब देख राहा था और यह देखकर राजा को बड़ा आनन्द आ राहा था.अचानक एक बच्चे  आये और राजा को हाथ लागा दिया.इस तरह राज की हर चीज उसकी हो गयी.दोस्तों इसी तरह ऐसे राजा ने जनता को मौका तोह दिया था,ठीक ईसि तरह भगबान ने भी हमें दैनंदिन कोई ना कोई मौका देता है कुछ छुपाने का,कुछ करनेका कुछ ज़िंदगी में से सफलता अर्जन करनेका.लेकिन हाम नादायेन है,और इस्सर के बनी हुयी चीजो को पाने की पूरी कौशिश करते है और और अपनी पूरी शक्ति लागा देते है.

किसीको गाड़ी चाहिए,किसीको bunglow किसीको पैसा तोह किसीको सान और लोग इसके लिए हरदिन प्रार्थना भी करते है और मंदिर भी जाते है पूजा करते है .और भगबान से चीजे मांगते है.जोह लोग सत्य को जान लेते है वोह लोग भगबान के चीजो को नहीं वल्कि भगबान को प्राप्त करनेका कौशिस करते है.क्यों की उन्हें पाता है भगबान को पा लिया तोह वोह मालिक की हर एक चीज अपनी ही हो जाएगा.जैसे उस बच्चे ने राजा को हाथ लागाया और राजा उसका हो गया.तोह राजा के सारे चीजे उसका हो गया.उसी तरह अगर हाम भगबान की बनी हुयी चीजो को पाने की कौशिश ना करके,भगबान को पाने की कौशिश करे तोह सारे चीजे हामारे हो जायेगा.तोह फिर आप क्यों दिनरात मुर्ख की तरह उनकी बानायी हुयी चीजो पाने की कौशिश करते रहते है.और आपनी कीमती समय गावाते रहते है.उस इस्सर की प्रार्थना करो और उससे पाने की कौशिश करो फिर हर चीज आपकी हो जायेगी.

तोह दोस्तों यह एक तरह की मोहमाया है,में यह नहीं कह राहा हु की यह आपके जीबन में जरुरी नहीं हर चीज जरुरी है गाड़ी भी जरुरी है घर भी जरुरी है और पैसा भी जरुरी है.और हर एक चीज बानायी हुयी है वोह भी जरुरी है.पार एक चीज तोह होता है की हाम उन्ही चीजो के पीछे भाग रही है.एक वोह होता है की हर चीज की लिमिट होती है अगर लिमिट तक हामे उससे achived करते है तोह वोह अछि है.और अगर लिमिट के उपर चले जाते है तोह हर तरह की नुक्सान दायक है चाहे वोह कोई भी चीज हो.

जैसे में आपको एक उदहारन देता हु दारू को लेकर………….दारू का क्या होता है ?दारू पीने के लिए नहीं बानाया गया है.यह एक तरह के दाबाई था जिस समय बानाया गया था इससे.तोह लोगो का इसका consumption बहुत ही कम था फिर लोग इससे शौक में पीने लागे और फिर कुछ लोग इतने जादा पीने लगे की लोगो के आदत ही बन गया और इससे हेल्थ में प्रॉब्लम भी दिखने लागे.यानि की दारू एक लिमिट तक ही सही थी जब उससे दाबाइ के रूप में बानाया गया था,और कोई दाबाई जब आपके शारीर में लिमिट से जादा चला जाता है तोह वोह शारीर के लिए नुक्सान दायक ही रहेगा.

दोस्तों यह काहानी और सुझाब आपके लिए कितना आछा राहा है आप जरुर निचे कमेंट box का उपोयोग करके मेरे साथ शेयर करे.धन्न्य्बाद.

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.