APKE DIL KO 6U JANEWALA TOPIC

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हेल्लो दोस्तों आज एकबार फिरसे आप सभीको internet sikho में बहुत बहुत स्वागत है.दोस्तों आज में एक ऐसे टॉपिक शेयर करने जा राहा हु जोह की आपके दिल को छू जाने के मजबूर कर देगा.तोह आप भी आगर आपने job से निराश है तोह यह पोस्ट आपके सारे समस्या को चुटकियो में ख़तम कर देगा.और इससे पढने के बाद खुदमें एक बदलाव महसूस करेंगे.

हामसे ना जाने ऐसे कितने लोग होंगे जोह हामेशा यह सोचते रहते है —                                                        यार मेरी नौकरी तोह बहुत जादा बोरिंग है में तोह तंग आ गया हु ऐसे नौकरी से यार मेरा तोह मन ही नहीं लागता ऐसे नौकरी में में तोह फास गया हु यार इस job के चक्कर में.

ऐसे लोगो के लिए तोह सबसे बड़ी सलाह यह है की वोह काम करे जोह आपको पसंद है.आरे यह नौकरी नहीं पसंद है तोह छोर दीजिये,और भी बहुत सारे नौकरी मिल जाएगा.आगर आप में interest होगा तोह आप नयी मनपसंद job धुंध ही लेंगे.यारो क्यों रोज खुदको इतना तुचेर करते हो,जोह काम आपको पसंद नहीं है वोह काम पाक्का आपकी ज़िन्दगी के नरक बाना ही देगा.तोह सबसे पहली सलाह तोह येही है की छोरिये ऐसे नौकरी जोह आपको पसंद नहीं है,यह मुश्किल जरुर है लेकिन नामुमकिन तोह नहीं.थोड़ी परिशानी होगी पार बाकी ज़िन्दगी में काटेगा.और कुछ लोगो की शिकायत है की कहने और करने में बहुत फर्क होता है.job change करना कोई गेम नहीं है,लाइफ का रिस्क है.कुछ लोग कहते है की यह job करना तोह मेरी मजबूरी है,में तोह छोर ही नहीं सकता.तोह इसके लिए भी कुछ कामाल के आईडिया है जिह की निचे बाताये है.

 

आप जारा सोचिये की आपके घर में आगर कोई एक आपना छोटा बाचचा छोर जाए और आपको बोले की आपको रोजाना इसका देखभाल करना है.इसको खिलाना पिलाना है तोह क्या होगा?आपके दिमाग में टेंशन आ जाएगी ,बच्चे को संभालना आपके सर दर्द बन जाएगा.लेकिन जब आपका खुदका baachha होता है तोह आपको कोई भी परिशानी नहीं होता.आप ख़ुशी ख़ुशी उससे खिलाते पिलाते है और उसकी पूरी देखभाल भी करते है.

बास येही फर्क है हाम हामेशा आपनी नौकरी यह सोच के करते है की हाम दुसरे का काम कर रहे है,यह काम हामारा नहीं है यह तोह एक बोझ है ,आप सोचिये की यह कंपनी मेरा है ,मुझसे इससे आगे लेकर जाना है.मेरे दम पे ही यह कंपनी टिके हुए है फिर देखिये आपका मन खुद काम में लागने लागेगा.हो सकता है की आपके आछे काम के लिए लोग सावासी ना दे,आपके आछे काम के लिए पुरस्कार ना मिले लेकिन मन में ख़ुशी तोह मिलेगा,एक संतुष्टि तोह मिलेगा.और एक ना एक दिन आप जरुर आगे जायेंगे यह बात भी पक्का है.

आब्दुल कलम सर बचपन में न्यूज़ पेपर बेचा करता था,लेकिन आगे चलकर एक सफल बैगानिक बने क्यों की उन्होंने जोह भी किया दिल से किया.अपना मन के किया,बास येही खूबी उनको इतना आगे लेकर गया.रजनीकांत बस में conducter का काम करते थे लेकिन उन्होंने जोह भी करता था आपना स्टाइल में करता था.शौक से करते थे.एक बोझ समझकर नहीं और देखिये आज कितने बड़े सुपरस्टार है.तोह आप भी जोह भी करते है दिल से करिए फिर आपको आगे जाने से कोई रोक ही नहीं सकता है ….यह मेरा gurantee है.

इस पोस्ट को पढने के बाद आपके अन्दर से एक पॉजिटिव फीलिंग आ रही होगी.तोह अब आपको थोडा सा समय निकलकर इस पोस्ट में कमेंट करना है.निचे कमेंट box में जाए और इस टॉपिक के बारे में आपकी बिचार हामे लिखकर बाताये .

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हेल्लो दोस्तों मेरा नाम मिथुन है,और में इस वेबसाइट को 2016 में बानाया हु.और इस वेबसाइट को बानानेका मेरा मूल मकसद यह है की लोगो को इन्टरनेट के माध्यम से हिंदी में इन्टरनेट की जानकारी प्रदान करना.इसीलिए इस वेबसाइट का नाम Internetsikho राखा गया है.

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