Diwali कब है और Diwali क्यों मानाया जाता है?

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Diwali कब है और Diwali क्यों मानाया जाता है?
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हेल्लो दोस्तों आज एकबार फिर से आप सभीको internet sikho में बहुत बहुत स्वागत है.दोस्तों सबसे पहले तोह में माफ़ी चाहता हु  आप सभी से क्यों की में पर्सनल काम के कारण  काफी दिनो से  आपके लिए कोई भी पोस्ट लिख नहीं पाया हु,और काफी मेरे दोस्त मुझे पर्सनल में मेसेज भी  किया और पूछते रहा की में क्यों पोस्ट नहीं कर राहा हु?इस बात से तोह मुझे एक तरफ खुसी भी हुआ एक तरफ दुःख भी हुआ.खुसी इसीलिए हुआ की मुझे अंदर से एक आवाज आने लागा की हा में जोह भी जानकारी लोगो को शेयर करता हु वोह सबके काम के लिए है और उन्हें काफी कुछ जानकारी मिलता है.और दुःख की बात यह है की में अपना पर्सनल काम के वजह से  ब्यस्त होने के कारन जोह हमारे पोस्ट के आने का इन्तेजार करते है और में उन सारे प्यारे दोस्तों को लिए कोई भी जानकारी शेयर नहीं कर पाया हु.अबसे पूरी कोशिस करूँगा की रेगुलर आपके लिए पोस्ट लिख सेकु.और आज में आपको लिए एक बहुत ही ख़ास टॉपिक लेकर आया हु जोह की हर एक भारतबासियो को इस दिन का इन्तेजार रहता है .आपको सायेद अलग से बाताने का जरुरत नहीं पड़ेगा की आज में क्या आपको बातानेवाला हु diwali ,क्यों की आप टॉपिक के हैडलाइन को देखकर ही समझ गए होंगे.तोह चलिए फिर टॉपिक पे चलते है.

Diwali कब है और Diwali क्यों मानाया जाता है?

diwali कब है और diwali क्या है?

दोस्तों दिवाली इस साल गुरुबार 19 अक्टूबर 2017 को है.और धनतेरस मंगलबार 17 अक्टूबर 2017 को है.और नरक चतुर्दोशी बुधबार 18 अक्टूबर 2017  को है.और लक्ष्मी पूजा गुरुबार 19अक्टूबर 2017 को है.और बाली प्रतिपद अथबा गोबर्धन पूजा शुक्रबार 20 october 2017 को है.और यम्दितिया अथबा भाईदूज शनिबार 21 अक्टूबर 2017 को है.

और इस तोहार को diwali या फिर दीपावली के नाम से भी जाना जाता है.diwali यानि की रौशनी और दियो का ही यह तोहार है.इस दिन हर तरफ सिर्फ रौशनी से आलोकित हो जाता है और यह एक बहुत आनंदमय दिन है.और इस तोहार को अन्धकार पार रौशनी का जीत माना जाता है.और भारत में इस तोहार को  पटाके फोड़कर बड़े धूम धाम से मानाया जाता है.

और इस diwali में येही कामना है की सफलता आपके कदम चूमे                                                                    और हर ख़ुशी आपके आसपास हो                                                                                        माता लक्ष्मी जी की कृपा आप पार हामेशा बाना रहे                                                                           आपको और आपके परिबारो को मेरे तरफ से अग्रिम सुभ दिवाली का सुभेछा.

             diwali कब और क्यों मानाया जाता है?

दोस्तों यह दिवाली का जोह तोहार है यह दसोहरा के बाद मानाया जाता है .और diwali का तोहार जादातर अक्टूबर और नवम्बर माहीने के बिच में ही होता है.diwali का रात आमाबसया के रात होते है,और माना जाता है की इसका अंधेरा दूर करने के लिए ही दिए जालाया जाता है.

Diwali कब है और Diwali क्यों मानाया जाता है?

diwali क्यों मानाया जाता है इसको लेकर भी लोगो के मन में बहुत साबाल है.आज में आपको बाता ही देता हु की दिवाली क्यों मानाई जाता है?पौराणिक घटनायो  को देखते हुए अनुमानिक किया जाता है की भगबान श्री राम चन्द्र जी  के जब 14 बर्षो के बनबास पुरे होने के बाद अजोध्या आपोस लोटे थे और राबन को बध करके उनके पत्नी सीता मईया को राबन के हाथ से छुडाया था और उस दिन इसलिए अजोध्याबासी भगबान राम के लोटने और सीता को आपने घर में लाने के खुसी में diwali  का तोहार सबसे पहले मानाया था.और तबसे पुरे भारतबर्षो में diwali का तोहार मानाना शुरू हुआ था.

भारतबर्षो में किस तरह से लोग diwali मानाते  है?

दोस्तों भारतबासी के लिए दिवाली ही एक ऐसा तोहार है जिसमे हाम किसी भी धर्मो के बारे में ना सोचकर एक दुसरे से मिल जाते है और diwali के हर एक पल को आनंद लेते है .तोह हमसभी आगर दिवाली मानाते है तोह हमसब यह भी जानते ही होंगे की किस तरह से दिवाली मानाते है ,इसके बारे में मुझे जादा बाताने के जरूरत नहीं पड़ेगा ,फी भी इस पोस्ट को संपूर्ण करने के लिए आपको थोडा जानकारी दे देता हु की जादातर भारतबर्षो के लोग किस तरह से diwali को मानाते है.

diwali के दिन या फिर उससे पहले ही सब आपने घर या दूकान को आछे से साफ़ साफाई करते है.और घर के महिलायों ने घर में रंग बेरोंगी रंगोली आकते है.घर के हर जगह दिया जालाया जाता है.इस दिन जादातर लोग नये सामान खरीदना पसंद करते है ,जैसे नए गाडिया ,नए मोबाइल ,नए कापडे ,सोने के अलंकार इत्त्यादी.दिवाली में सभी के घर में भिन्नो भिन्नो रकम की मीठाया बानाया जाता है या दूकान से लाया जाता है.diwali में सभी के घर लक्ष्मी और गणेश जी का पूजा किया जाता है ,और माना जाता है की इस diwali के दिन लक्ष्मी माता और गणपति बाप्पा के पूजा करने से घर में धन आता है और जोह धन घर में है वोह बढ़ता है.और इस diwali का तोहार घर के सभी लोग और और प्रतिबेशी और सभी दोस्तों के साथ मिलकर मानाया जाता है जिससे उनके परिबारिक संपर्क और अटूट बन जाते है.और उस दिन एक दुसरे से मिलते है और मिठाई बाटते है.और इस diwali के परबो में हिन्दुस्थान के सभी school कोलगे और सरकारी कामगारों में छुट्टी का घोसोना किया जाता है.

Diwali कब है और Diwali क्यों मानाया जाता है?

diwali मानाने के समय हामे किस तरह के सतर्को के साथ मानाना चाहिए?

दोस्तों दिवाली से पहले हामे हर साल कुछ ना कुछ खबर जरुर सुन ने को मिलता है चाहे वोह आपने देश के सामग्री से जुड़े हुए हो या फिर कोई बाहार के सामग्री से जुड़े क्यों ना हो.जैसे इस साल भी सुप्रीम कोटे ने सायेद यह एलान किया है की इस साल दिवाली में भारतबर्सो में किसी भी तरह का पटाका नहीं फोड़ना चाहिए.मुझे नहीं पाता यह descesion सुप्रीम कोटे ने क्यों लिए है?इसके पीछे क्या कोई बाहार के देशो के सामग्री को ना बेचने का प्रयास या फिर आपने देश में दूषण को कण्ट्रोल करने के लिए किया गया है ,इन दोनों में से कुछ भी हो सकता है .लेकिन में आपसे यह पूछना चाहता हु की आप इससे सहमत कितना है और क्यों है?और अगर सहमत नहीं है तोह क्यों नहीं है वोह आप जरुर मुझे कमेंट बॉक्स में कमेंट करके बाताये.और सुप्रीम कोटे के यह एलान से मुझे तोह बिल्कुल सहमत नहीं है ,क्यों की अगर पटाके के फोड़ने से ही देश दूषित होता है तोह सिर्फ यह दिवाली के समय ही क्यों सुप्रीम कोटे के नजर में आता है?जब कोई भी पार्टी के नेता के बड़ी जीत होता है तब पुरे सहर में पटाके फोड़कर अंधेरा कर देता है तब सुप्रीम कोट के नजर नहीं जाता है क्यों की वोह राजनैतिक दोलो ने जीत के बाद खुसिया माना रहा है ,और जब बड़े बड़े घरो में साधी में पटाको फोड़ा जाता है तब भी कोई बोलने वाला नहीं होता ,तोह फिर हामारे देश के इतने बड़े ख़ुशी के तोहार diwali में ही क्यों पटाके फोड़ने से रोक लागाते है ,आगर रोक लागाना ही है तोह आप सभी जगह रोक लागकर देखाइये तब हाम  मानेंगे.

और हाम आपनी जीबन और प्रतिबेशी के सतर्कता के लिए कुछ बातो का ध्यान राखना पड़ेगा .जैसे छोटे छोटे बच्चे को पटाके फोड़ने से रोके ,मोम्बाती ना जालाकर मिटटी का दिया जालाये जिससे गरीब को कुछ पैसा मिले और वोह भी आपके तरह diwali का आनंद उठा सके.पटाके फोड़ने समय अपने आसपास ध्यान राखे जिससे आग लागने का संभाबना हो वोह पाटाके ना फोड़े ,और कुछ पटाके ऐसे भी होते है बुझने का बाद भी उसका आग रह जाता है जिससे आग लागने का संभाबना रहता है तोह उससे ध्यान राखे.

दोस्तों आजके लिए इतना ही.आप सभी इस दिवाली को आछे से मानाये और और साथ ही आपने आसपास के सतर्कता के भी बजाई राखे.और diwali से जुड़े यह जानकारी आपको कितना पसंद आया आप मुझे कमेंट बॉक्स में कमेंट करके बाताने ना भूले.और साथ ही internet sikho को subscribe करना ना भूले ताकि हामारे हर एक पोस्ट आपके मेल बॉक्स में मिलता रहे.

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हेल्लो दोस्तों मेरा नाम मिथुन है ,और में वेस्ट बंगाल से हु ,और जब के लिए फिलहाल मुंबई में रहता हु .और यह वेबसाइट को मैंने 2016 में बानाया हु.और मुझे इस वेबसाइट का बानाने का मकसद यह है की लोगो को इन्टरनेट के माध्यम से हर एक तरह के जानकारी देकर उनका मदत कर सके ,और इसीलिए में इस वेबसाइट का नाम internetsikho.com राखा है.और इस साईट में आपको latest internet से जुड़े हुए tips ,tricks ,social tricks ,indian history ,share market basic tips ,technical analysis ,love tips.motivation story,love story,love tips, mumbai darshan,lifestyle,blogging से जुड़े हुए हर तरह के जानकारी हिंदी में दिया जाता है.और मुझे उम्मीद है की आपको इस साईट में दिए हुए जानकारी से हरदिन कुछ ना कुछ नया सिखने और जानने को मिलेगा .और कृपया करके आपके दोस्तों के साथ भी इस साईट के बारे में बाताये और ऐसे हामारे साथ बने रहे ,और हरदिन कुछ नया जानते रहिये और सीखते रहिये क्यों की सिखने का नाम ज़िन्दगी.

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