Raksha Bandhan ka shuruwat kab aur kaise hua tha?

Raksha Bandhan ka shuruwat kab aur kaise hua tha?

हेल्लो दोस्तों आज एकबार फिरसे आप सभीको internetsikho में बहुत बहुत स्वागत है.दोस्तों आज इस पोस्ट में मैंने आपलोगों से क्या जानकारी शेयर करनेवाला हु वोह आप पोस्ट के टाइटल को देखकर ही अंदाजा लागा सकते है.जी हा हर बर्ष के तरह इस साल भी 03 august 2029 गुरुबार  को Raksha Bandhan के  सुभ दिन आनेवाला है.और हामारे देश के भाई बहने के तोह इस दिन का    ही सबसे जादा इन्तेजार रहता है.और खुसी की बात यह है की इस सुभ अबसर पार जाती का भेदभाद ना करके हाम एक दुसरे से पयार से मिलते है  और भाई बहनों से राखी पहनते है.लेकिन सोचनेवाला बात यह है की Raksha Bandhan तोह हम सभीने मानाते है लेकिन इसके पीछे का क्या कारन है यानि की Raksha Bandhan का शुरुवात कैसे हुआ था?Raksha Bandhan कब और क्यों सबसे पहले मानाया गया था?जोह हम सब अभी उस सुभ दिन धूम धाम से मानाते.

”नींद आपनी भुलाकर सुलाए हामको 

आंसू आपने गिराकर हासाए सबको 

दर्द कभी ना देना उस देवी के अवतार को 

जामाना जिससे कहता है बहन जिसको 

हैप्पी रक्षा बंधन उस  प्यारी बहन को”

 

Raksha Bandhan ka shuruwat kab aur kaise hua tha?

ऐसे हमारे देश भारत में 12 माहीने में 13 पेर्बोंन लागे ही रहता है येही तोह हमारे भारतबासीयो का सबसे बड़ा गर्व है.और हां यह जोह भी हमसब तिवार मानाते है उसके पीछे कोई ना कोई पौराणिक काहानी जुड़े है.मतलब पौराणिक युग में देवी देबताओ ने जैसे जैसे उस दिन को पालन करता था ठीक उसी तरह आजके दिन में वोह सब हामालोग पालन करते है यानि मानाते है चाहे आप किसी भी पर्बोंन को देख लीजिये जैसे दिवाली,christmas इस तरह के हर एक तिवारो के साथ एक पौराणिक काहानी जुड़े हुए और उसीके यादो में आज भी वोह्सब दिन को मानते है.ठीक उसी तरह Raksha Bandhan के साथ भी एक देब देबियो के काहानी जुड़े हुए है जिसके वजह से ही आज इसदिन को इतने धूम धाम और   पयार से मानाया जाता है.तोह आप भी अगर इस काहानी को जानने को उत्सुक है तोह कृपया करके पूरी पोस्ट को पढ़े उम्मीद करता हु Raksha Bandhan से जुड़े आपके सारे जानाकरी इस पोस्ट कोप पढने के बाद जान जायेंगे.

 

2020 में रक्षाबंधन  कब है?

इस साल रक्षाबंधन  तोहर 3 august गुरुबार के दिन में है.और इस साल सुभ मुहर्त के समय सुभे 5:49 से लेकर शाम 6:01 बजे तक का है.जोह की दुसरे सालो के तुलना में जादा है.यानि की आप इस लम्बे सुभ समय के बिच कभी भी अपने भाइयो के कलाई में राखी बांध सकते है.

 

Raksha Bandhan का शुरुवात सबसे पहले कैसे हुआ था?

दोस्तों यह पौराणिक बात तबकी हा जब दानबेन्द्र राजा बलि अश्व्बेध जोग्ग्यो कर रहा था तब सर्बोप्रथम लक्ष्मी माता जी ने बलि को राखी बाँधा था.तब नारायण भगबान ने राजा बलि को छलने के लिए बामन अबतार लिया और तिनं पग में सब कुछ ले लिए.तब उसे भगबान ने पाताल लोक का राज्ज्य रहने के लिए दे दिया था तब उसने प्रभु से काहा की कोई बात नहीं में रहने के लिए तैयार हु .पार मेरी भी एक शर्त होगी भगबान आपने भक्तो की कभी ढाल नहीं सकते.उन्होंने काहा ऐसे नहीं प्रभु आप छलिया हो पहले मुझे बचन दे की में जोह मांगूंगा वोह आप देंगे.नारायण ने काहा हां जरुर दूंगा.जब नारायन जी से शर्त के लिए राजी करवा लिया तब बलि बोले की में जब सोने जाऊ और जब में उठू तोह जिधार भी नजर जाए उधार आपको ही देखू.यह सुनकर नारायन ने आपना सर ठोकते राहा और बोले इसने तोह मुझे पहरादार ही बाना दिया है यह सबकुछ हार के भी जीत गया है.

Raksha Bandhan ka shuruwat kab aur kaise hua tha?

पार कर भी क्या सकते थे बचन जोह दे चुके थे ऐसे,होते होते काफी समय बीत गया उधार बैकुंठ में लक्ष्मी जी को चिंता होने लागी नारायन के बिना.उधर नारद जी का आना हुआ और लक्ष्मी जी ने काहा नारद जी आप तोह तीनो लोको में घूमते है क्या नारायन को कही देखे है आपने?                                                                                          तब नारद जी बोल दिए की पाताल लोक में है और राजा बलि की पहरादार बने हुए है.फिर लक्ष्मी जी के मन में थोडा सकून मिली और नारद जी से कहने लागी की मुझे आप ही राह दिखाए की कैसे मिलेंगे.तब नारद जी ने काहा आप राजा बलि को भाई बाना लीजिये और रक्षा का बचन लीजिये और पहले ही बात कर लीजियेगा की दक्षिना में जोह मांगूंगा वोह आपको देंगे.

 

और दक्षिना के रूप में आपने नारायन को मांग लेना.इस उपाय को लक्ष्मी जी ने माना और फिर तयारी शुरू कर दि.लक्ष्मी जी अति सुन्दर रूप में साजे एक  मायाबी स्त्री के रूप में और रोते रोते पहुचे बलि के पास.फिर बलि ने लक्ष्मी जी के इस मायाबी रूप में रोते हुए देखकर काहा की क्यों रो रहे हो देवी?तब लक्ष्मी जी ने धीर आवाज में बोले की इस सुभ Raksha Bandhan के अबसर में  मेरा कोई भाई नहीं है इसलिए में दुखी हु.तब बलि का दिल पिगल गया लक्ष्मी जी के इस बात पे और बोले की तुम मेरे धर्म की बहन बन जाओ. तब लक्ष्मी जी ने बली से  बाधा करवाया और बोले की मुझे आपका यह पहरादार चाहिए जब यह माँगा तब बलि आपने सर को पीटने लाग गए और सोचा धन्य हो माता पति आये सबकुछ ले गए और यह महारानी ऐसी आई की उन्हें भी ले गयी.

Raksha Bandhan ka shuruwat kab aur kaise hua tha?

तबसे यह Raksha Bandhan का शुरुवात हुआ था.और आप एक बात का ध्यान देंगे की  भी कलाबा बाधने समय मंत्र बोला जाता  है जैन बध्हो राजा बलि दानबंदरो महाबला लेन तयम प्रपोध्यो रक्षे माचल  यह मंत्र को बोला जाता है.Raksha Bandhan का मतलब वोह बंधन होता है जोह हामे सुरक्षा प्रदान करे.सुरक्षा किससे?हामारे आतंरिक और बाहरी शत्रुओ से रोग ऋण से.तोह कृपया करके Raksha Bandhan यानि की राखी का मान(सम्मान)करे और आपने भाई बहन के प्रति प्रेम और सम्मान सह तरीके से बजाई राखे और इस फैशन के जामाने में Raksha Bandhan को भी फैशन के रूप में ना मानाये.

रक्षाबंधन क्यों मनाते है?

रक्षाबंधन एक ऐसा तोहार है जिसमे एक भाई आपने बहन  के प्रति कर्तब्य को जाहिर करता है.और यह तोहार सिर्फ आपने सगे भाई बहने के साथ ही नहीं वल्कि अपने जान पहचान के सभी रिस्ते के भाई बहनों के साथ रक्षाबंधन माना सकते है.यानि की जिन जिन स्त्री पुरुषो को रक्षाबंधन  के मरजादा को समझते है उनलोग इस रक्षाबंधन को पालन करते है.और इस सुभ दिन में बहन अपने भाई के कलाई में राखी बंधते है.और साथ ही साथ बहन अपने भाइयो के लिए भगबान के पास भाई के लम्बी आयु और सय्स्थ और हमेशा खुश रखने का दुआ मांगता है.और भाई अपने बहनों को बदले में कुछ तोफा देते है और साथ ही साथ वादा करता है की अपने बहन के उपर कभी भी बिपत्ति आये तोह वोह बहन को हमेशा रक्षा करेगा.और साथ ही साथ भाई भी बहन के लिए भगबान के पास दुआ मांगता है की उनके बहन हमेशा खुश और सय्स्थ रहे.

रक्षाबंधन के दिन में अपने भाई बहने को तोफे में क्या दे?

रक्षाबंधन के इस सुभ अबसर पार बहने आपने भाइयो के कलाई में रखी बंधती है और भाई के लिए भगबान के पास सुभकामना करती है.ठीक उसी तरह भाई अपनी बहने को इस खुसी के दिन में अपने बहने को तोफे देते है जोह की हमेशा उन्हें याद रहता है.और बहने भी अपने भाइयो को तोफे देते है और इस तोफे का मरजादा यह होता है की जब बहने का साधी हो जायेगा और वोह ससुराल चला जायेगा और हर बार रक्षाबंधन  में जब भाई बहन एक साथ मिल नहीं पाते तब उन्हें पहले के दिनों में मिले हुए तोफे को देखते हुए उस सुभ दिन का याद दिलाएगा.तोह आप भी अगर अपने भाइयो/बहनों के लिए कुछ तोफा देना चाहते है तोह में कुछ unique और best collection आपके साथ निचे शेयर कर रहा हु जिससे आपको तोफा पसंद करने आसान होगा और आप यहाँ से online खरीद भी सकते है अगर आपको पसंद आता है तोह.

 

 

 

दोस्तों इस पोस्ट मे मेने आपके साथ रक्षाबंधन  के बारे में पूरी जानकरी शेयर किया है ,जैसे 2020 में रक्षाबंधन  कब है और इस साल में राखी बंधने के सुभ समय कबतक रहेगा?और हमसब रक्षाबंधन  क्यों और कैसे मानाते है?रक्षाबंधन  से जुड़े हुए क्या काहानी है जोह की हम इस दिन को भाई बहन के नाम कर दिए है.और इस सुभ दिन में आपने भाई बहनों को क्या gift दे इस तरह के रक्षाबंधन  से जुड़े हुए आपके सारे सावालो के जावाब में इस पोस्ट में दे दिया हु.उम्मीद करता हु यह जानकरी आपको पसंद आयेगा.और इस जानकरी से जुड़े हुए आपके मन में किसी भी तरह के सावाल/सुझाब रहता है तोह आप निचे कमेंट box में मेरे साथ शेयर कर सकते है.धन्यबाद.

हेल्लो दोस्तों मेरा नाम मिथुन है,और में इस वेबसाइट को 2016 में बानाया हु.और इस वेबसाइट को बानानेका मेरा मूल मकसद यह है की लोगो को इन्टरनेट के माध्यम से हिंदी में इन्टरनेट की जानकारी प्रदान करना.इसीलिए इस वेबसाइट का नाम Internetsikho राखा गया है.

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