YASH CHOPRA HISTORY

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हेल्लो दोस्तों आज एकबार फिरसे आप सभीको internetsikho में बहुत बहुत स्वागत है.दोस्तों आज में आपलोगों के लिए एक ऐसे काहानी लेकर हाजिर हु जोह की बॉलीवुड जगत के एक बहुत ही लोकोप्रियो romantic फिल्म के डायरेक्टर रह चुके थे.जी हा हां उन्होंने इस बॉलीवुड जगत में बहुत ही आछा पदर्शन किया और उन्होंने नए नए लोगो के टैलेंट को पहचाना और उन्हें कैमरा के पास आनेका मौका दिया,और बॉलीवुड जगत में उन्हें jaiga बानाने में मदत किया.और उसके नाम आप सभी जानते भी होंगे सायेद.जी हा उसके नाम है yash chopra जी,और आज हाम उनके बारे में ही बात करेंगे,और साथ में जानेंगे की उनके बॉलीवुड जगत में शुरुवाती किस तरह से हुआ था और उनके जीबन काहानि के बारे में भी बात करेंगे.

yash chopra के जीबन काहानी हिंदी में 

दोस्तों यह बेकती  तोह आभी इस दुनिया में नहीं है,लेकिन उनके जोह काम है वोह अभी भी इस दुनिया के लोगो को प्रसंनित करता है.और यह एक romantic फिल्म के डायरेक्टर था.और आपको बाता दू की इनके जितने भी मूवीज है वोह सारे मूवीज को देखने के लिए सिर्फ भारत के लोग ही नहीं वल्कि बाहार के देशो के 90% लड़का लड़की इनके फिल्म देखने को उत्सुक राखते है.और इसीलिए इन्हें king of romance के नाम से भी जाना जाता है.तोह चलिए अब आपको बाताते है की कैसे इन्होने bollywood के रोमांस किंग बनने में सखम राहा है.सबसे पहले तोह आपको इनके एक सीक्रेट बात बाताना चाहूँगा की yash chopra बनते बनते king of romance बन गया था.दिवार,कभी कभी,डर,चांदनी,सिलसिला दिल तोह पागल है जैसे कोई सारे फिल्म बानानेवाले yash chopra ने पर्दे पार रोमांस और पयार को एक नए माइने राखते है.और आज इस king of romance के नाम से इस फिल्म मेकर को दुनिया से जाते हुए 6 साल हो गए.इनके जन्म 27 sep 1932 में लाहोर में हुआ था.और उनके पढाई भी लाहौर में ही हुआ था .1945 में उनका परिबार पंजाब के लुधिआना में आकर बेस गया .yash chopra कभी engineer बनना चाहता था और engineer के पढाई के लिए लन्दन भी जानेवाला था.लेकिन सायेद वक्त यह मंजूर नहीं था.और वोह फिल्मो में कैरिएर बानाने के लिए मुंबई आगए.

yash chopra के फिल्म जगत में  शुरुवाती किस तरह  हुआ था

1959 में पहली  फिल्म का निदर्शन किया था.yash chopra ने फिल्म कैरिएर का शुरुवात बड़े भाई पयार चोप्रा और आएश जोहर के साथ किया था.और 1959 में उन्होंने पहली फिल्म ढोल को पूरा निर्दर्शन किया.कोई सफल फिल्मो के बाद 1973 में उन्होंने  अपनी प्रोडक्शन कंपनी यशराज फिल्म शुरुवात किया था.इन्होने बहुत सारे लोगो को बानाया है सुपरस्टार,इन्होने आपनी फिल्मो से कोई सितारो को स्टारदम का दरवाजा दिलाया.1975 में फिल्म दिवार से उन्होंने महानायक अमिताभ बच्चन की angry young man का छबि बाना दी.अमिताभ की दीवार (1975),कभी कभी (1976),त्रिशुल (1978),काला पत्थर (1979),सिलसिला (1981) येह्सारे yash chopra के बेहतरीन फिल्मो में से कुछ है.

yash chopra की lifehistory 

वोही बॉलीवुड की बादशा शाहरुख़ खान के साथ बातोर निर्देशक किया yash chopra ने डर,दिल तोह पागल है,वीर जारा जैसे कोई सुपरहिट फिल्मे बानाए है.शाहरुख़ खान के साथ इनकी आखरी फिल्म जबतक है जान था.रोमांटिक फिल्मो के जादूगर के नाम पार yash chopra जी को माना जाता था.और उनके आखरी फिल्म   जबतक जान है जान भी एक रोमांटिक फिल्म था.2012 में आपना 80 साल का जन्म दिन  पार काहा था की यह उनकी आखरी फिल्म होगा.और वोह अब फिल्म जगत से  इस्तोफा देकर आपने परिबार के साथ वक्त बिताना चाहते है.फिर 21 oct 2012 को डेंगू के कारन उनका निधन हो गया.yash chopra के पत्नी का नाम चमेला चोप्रा और उनके 2 बच्चे है आदित्य और उदय ,बड़े बेटे आदित्य भी  एक फिल्म निर्देशक है,और वोह 2014 में रानी मुखर्जी से साधी कर लिया.और छोटे बेटे उदय एक एक्टर है,एक्टिंग के अलावा फिल्म निर्मान में भी किस्मत आजमाने में बाकी नहीं राहा.और 2001 उन्हें भारत के सर्बोच्चो सिनेमा सम्मान दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया था.फिर 2010 में swzerland  में एक अवार्ड से भी सम्मानित किया गया और वोहा पार उनके नाम से एक सड़क भी बानाया गया है और वोहा से एक ट्रेन भी चालाया जाता है.

दोस्तों इस पोस्ट में मैंने आपको बॉलीवुड जगत के रोमांस के राजा yash chopra जी जीबन काहानी के बारे में बाताये है,और साथ में उनके बॉलीवुड जगत के शुरुवाती के सफ़र के बारे में भी जाने है.उमीद है की इनके जीबन काहानी से हामे कुछ ना कुछ सिख जरुर मिलता होगा.तोह आप भी निचे कमेंट box का उपोयोग करके बताने ना भूले की आपको इनके जीबन काहानी   से क्या सिख मिला और यह जानकारी जानकर आपको कैसा लागा.

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