Dreams and Reality में क्या अंतर है?सपने और वास्तविकता में क्या फर्क है?

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हेल्लो दोस्तों आज एकबार फिर से आप सभीको internet sikho में बहुत बहुत स्वागत है.दोस्तों आज में इस पोस्ट में बातानेवाला हु की dreams and reality यानि की सपने और वास्तविकता में कितना फर्क है.जब हाम नींद में सपने देखते है तब कोई conditions नहीं रहता है,तब हाम सिर्फ सपने में ही खोये रहते है और जोह कुछ भी देखते है वोह सब काल्पनिक रहता है .चाहे वोह आपके खुदके बारे में या फिर किसी और के बारे में सोचके सपने देखना.और सपने में  ना आपको कोई दुःख रहता है,और ना ही कोई डर ,और ना ही किसी चीज़ के बारे में चिंता करने का जरुरत पड़ता है.

Dreams and Reality में क्या अंतर है?सपने और वास्तविकता में क्या फर्क है?

dreams क्या होता है?सपने में क्या क्या होता है?

हम जब सपने यानि की dreams में खोये रहते है तब हामे बहुत अच्छा एक अनुभब होता है,क्यों की उसमे हामे कोई दुःख या डर नहीं रहता है.सपने में आते हुए हर एक इंसान हामारे पसंदिता होता है,और कुछ बहुत करीब के भी होते है.उनसबके साथ हामारे रिलेशन भी बहुत अच्छा है.उन्स्बके साथ कोई द्रिधा,क्रोध,हिंसा नहीं है,और ना छोर के जाने का डर,येह्सब सपने का कोई नाम नहीं रहता है.सपने में  ना कोई आपके और आपके करीबी के बारे में बुरी सोच सकता है ,क्यों की सपने में सब nischit रहता है,कोई डर नहीं रहता है.dreams में हमसब खेलते है,गाते है,पढ़ते है,इसमें कोई प्रतिबाद नहीं होता,इसलिए हाम सपने के दुनिया में जीना जादा पसंद है.

Dreams and Reality में क्या अंतर है?सपने और वास्तविकता  में क्या फर्क है?

reality क्या है?वास्तविकता क्या है ?

अब जब हाम reality यानि की वास्तब में आते है तब हामे अलग अलग तरह एक शर्त रहता है.वास्तव में कोई काल्पनिक नहीं रहता है.बास्तब में खुदके या फिर किसी और के दुःख के  बारे में सोचकर जादा दुःख रहता है.और इसी बास्तब जीबन में ही हमसब रहते है.जिस जीबन में हम कोई कल्पना ही नहीं कर सकते है उस जीबन में एक हर एक इंसान आपने से दूर लागता है.और कोई ऐसे भी इन्सान है जोह की अपने शत्रु जैसा भी लागता है,उनलोगों के साथ हामारे सम्पर्क भी इतना अच्छा नहीं है.उनलोगों के अन्दर सिर्फ हिंसा ही रहता है,छोर के जाने का भी डर रहता है.और रहता है सिर्फ एक दुःख भरे जीबन,जाहा हर कोई anischit.क्यों की हामारे मन में डर रहता है,हमारे संपर्क में कोई मिठास भाव नहीं रहता है,और इस बंध प्रिथिबी में हामारे निस्वास बंध होने जैसा हो जाता है,फिर भी हामे वास्तविकता में जीना पढ़ राहा है.

 

Dreams and reality में क्या अंतर है?

फिर भी हमसब dreams and reality यानि की सपने और वास्तविकता के साथ ही चलते है.क्यों की आसमान भरे तारे की अंत पार करने का कोई डर नहीं है.लेकिन उसके देखते हुए दिबासपनो को देखने में डर की बात है.और हामारे जीबन  में  इस लाखो भिड़ो में रंगीन चादर सफ़ेद हो जाने  जैसा  आपने सपनो  है.

तोह दोस्तों यह था हामारे जीबन में dreams and reality का खुलासा.मुझे उम्मीद है की इस पोस्ट से आप समझ सकते सकते है की सपने और वास्तविकता में हामारे जीबन में क्या क्या होता है.इस जानकारी  से जुड़े हुए आपका कोई मनोभाव रहता है तोह आप मुझे कमेंट बॉक्स में कमेंट करके बाता सकते है.

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