एटीएम का फुल फॉर्म क्या है?

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हेल्लो दोस्तों आज एकबार फिरसे आप सभीको Internetsikho में बहुत बहुत स्वागत है.दोस्तों आजके  समय में हम सभीने ATM  का कम जादा इस्तेमाल करते ही होंगे.जैसे आप जानते है की ATM  ही एक ऐसा system है जिसके मदत  से हम अपना bank account का पैसा निकल सकते है.लेकिन क्या आपको पता है ATM का full form क्या है?

यह सवाल के जबाब जादा से जादा लोगो के पास नहीं है.ऐसे मजे की बात तोह यह है की जोह भी लोग ATM के full form अबतक जानके बैठा है की ATM का full form Any Time Money है उसके जवाब भी गलत है.तोह आप भी अगर Atm के बारे में पूरी जानकारी जानना चाहते है तोह यह पोस्ट को पूरा पढ़िए.इस पोस्ट में में आपको बताऊंगा की ATM का Full Form क्या है ?साथ ही साथ ATM से जुड़े हुए सरे जानकरी आपके साथ शेयर करने वाला हु.

ATM को और क्या क्या नाम से जाना जाता है?

  • ऐसे भारत में तोह ATM को ATM ही कहा जाता है.लेकिन दुनिया के कुछ ऐसे देश है जोह की atm machine को कोई और नाम से जानते है.जैसे canada में लोग atm को ABM यानि की automatic Banking Machine के नाम से जानते है.
  • और जादा से जादा देश में ATM Machine को cash point/point of cash/cash machine/mini bank इस तरह के नाम से atm machine को जानते है.

ATM का शुरुवात कब और कैसे हुआ था?

मौटे मौर, लंदन और न्यूयॉर्क में सबसे पहले इससे प्रयोग में लाए जाने के उल्लेख मिलते हैं। 1960 के दशक में इसे बैंकोग्राफ के नाम से जाना जाता था। कुछ दावों के अनुसार सबसे पहले प्रायोगिक तौर पर 1961 में सिटी बैंक ऑफ न्यूयॉर्क ने न्यूयॉर्क शहर में ग्राहकों की सेवा में चालू किया था। वैसे ग्राहकों ने तब इसे अस्वीकृत कर दिया था। इस कारण छह माह के बाद ही इससे हटा लिया गया था। इसके बाद टोक्यो, जापान में 1966 में इसका उपयोग हुआ था। आधुनिक एटीएम की सबसे पहली पीढ़ी का प्रयोग 27 जून, 1967 में लंदन के बार्केले बैंक ने किया था। उस समय तक कुछ ही ग्राहकों को इसकी सेवा का लाभ मिल पाया था। उस समय आज के एटीएम कार्ड के बजाए क्रेडिट कार्ड के जरिए इसकी सेवाओं का उपयोग किया जाता था। इसके पहले ग्राहक कॉमेडी एक्टर रेग वरने बने थे। इंग्लैंड ने प्रयोग में लाई गई मशीन के आविष्कार का श्रेय जॉन शेपर्ड और दोनाल्न्द वेट्जेल  को जाता है। इसके विकास में इंजीनियर डे ला रूई का भी महत्त्वपूर्ण योगदान है। वर्तमान एटीएम मशीनें इंटरबैंक नेटवर्क से जुड़ी होती हैं। यह नेटवर्क पीयूएलएसइ, पीएलयूएस आदि नामों से जाने जाते हैं।

एटीएम का पूरा नाम क्या है?

ऐसे जादातर लोगो के जोह मानना है की ATM से हम कभी भी पैसा निकल सकते है इस वजह से लोग ATM का FULL FORM any time money मान बैठे है.लेकिन असल में एटीएम का फुल फॉर्म है Automated Teller Machine.अगर हम A T M के एक एक शब्दों के रूप देखे तोह.

A- Automated 

T-Teller 

M – Machine

 

ATM के और क्या क्या Full Form हो सकता है ?

ऐसे आप अगर सोच रहे है की ATM के full form सिर्फ  Automated Teller Machine है तोह सिर्फ यह भारत में ही माना जाता है.लेकिन दुसरे देशो में ATM के अलग अलग पक्रिया से जाना जाता है.और अलग अलग काम भी है.तोह चलिए ATM के Full Form के बारे में जान लेते है.

  • Air Traffic Management– इस service को जादा से pilot/co pilot/flight attendant/cabin crew/traffic contoller जैसे जायगा में aviation terminologies जैसे पक्रिया का इस्तेमाल किया जाता है.
  • Asynchronous Transfer Mode-Information TechnologySector में ANSI और ITU के मदत telecommunicatioons Concept के लिए इस पक्रिया का इस्तेमाल किया जाता है.
  • Association Of Teachers Of Mathematics– यह uk के एक non profit Organization Registered Charity है.
  • Angkatan Tentera Malaysia-जोह की जे Malaysia के Armed Forces के नाम से जाना जाता है.

एटीएम का फुल फॉर्म क्या है?

ATM क्या है? What’s ATM?

  • Atm एक electronic tele communications device है जिसके  मदत से पैसा का लेनदेन जैसे जमा/दुसरे बैंक में जमा करना/निकलना यह सरे चीजे कर  सकते है.यह ATM machine के यानि की automated पक्रिया आनेके बाद bank के कर्मोचारियो के काम थोडा आसान हो गया  है.क्यों की atm machine के transaction के लिए कोई बैंक कर्मोचारियो का जरुरत नहीं पड़ता है.
  • ATM आनेका बाद ATM के plastic card तैयार किया गया है अलग अलग बैंक के customers के लिए.और उस atm card में magnetic strip पार customers के तथ्य encoded रखा जाता है.और यह identification code को bank के central computer पार modem के माध्यम से mainten  किया जाता है.ईसि पक्रिया के वजह से ही हम अपना ATM card Atm machine में डालने के बाद आपका account का डाटा उसमे read होता है उसके बाद हम पैसा निकल सकता है.

एटीएम का फुल फॉर्म हिंदी में  ATM Full Form In Hindi

हिंदी में हम अगर Atm का full form जानना चाहते है तोह वोह english नाम से थोडा अलग है.सायेद ही बहुत कम लोगो को ATM का full Form हिंदी में किसिको पता है.

ए-स्वचालित 

टी -टेलर 

म -मशीन 

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ATM कितने प्रकार का है?एटीएम  के प्रकार 

ATM  तोह हम सभीने इस्तेमाल करते है लेकिन एटीएम कितने प्रकार का होता है वोह सायेद बहुत कम लोगो को ही पता है.तोह में आपको निचे ATM के प्रकार के बारे में एक एक करके बताने वाला हु.

  • Online Atm– यहे  atm में 24/7  bank के database के साथ connection रहता है.इसलिए हमारे bank में जितने भी राशी है उतने ही राशी ना की उससे जादा पैसे अपने atm card से उस atm machine से निकल सकते है.
  • Offline Atm-इस तरह के atm में आपके बैंक खता के datbase connection जुड़ा नहीं रहता है इसी वजह से अगर आपके बैंक अकाउंट में राशी नहीं रहेगा फिर भी आप पैसे निकल सकते है.लेकिन इसके लिए बादमे आपको जादा पैसा भरना पड़ेगा.यानि की आप जितने पैसे निकाले उससे अधिक आपको भरना पड़ेगा.
  • On Site Atm-Bank के अन्दर में उस बैंक के जोह भी Atm होता है उससे On Site Atm के रूप में माना जाता है.
  • Off Site Atm-किसी बैंक अगर आपने बैंक के बहार किसी और जायगा में Atm machine लागाते है उससे Off Site Atm के रूप में जाना जाता है.
  • White Lable Atm-इस तरह के ATM non banking financial company जादातर rural area में इस तरह के atm machine लागाते है.इससे White Lable Atm के नाम से माना जाता है.
  • Yellow Lable Atm-इस तरह के atm जादातर Ecommerce लेनदेन के लिए किया जाता है.
  • Orange Lable Atm– इस atm को जादा से जाड share transaction के लिए इस्तेमाल किया जाता है.
  • Pink Lable Atm-इस तरह के atm सिर्फ महिलायों के लिए कुछ बेंको के तरफ से लांच किया जाता है.
  • Green Lable Atm-यह atm जादातर कृषि उन्नयन के लेनदेन के समय इस्तेमाल किया जाता है.

ATM में क्या क्या parts होता है?

ऐसे ATM के parts को देखा जाये तोह बहुत तरह के parts atm में होते है.जैसे कुछ parts atm के अंदर होता है जिससे हम Input device कहते है और कुछ parts atm के बहार होते है जिससे हम आसानी से देख सकते है उससे हम output device कहते है.तोह निचे हम atm के input और output पार्ट्स के बारे में पूरी जानकारी देते है.

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  1. INPUT DEVICE
  • Card Reader– इसके मदत से आपके atm card के data को read करता है.हमारे atm card के पीछे side में जोह magnetic strip होता है उसको verfication क एलिए बैंक के server में भेजा जाता है.उसके बाद bank खाते के राशी  के उपर ध्यान रखते हुए user service के आदेशअनुसार राशी निकालनेका अनुमति प्रदान करता है.
  • Keypad– Keypad जोह की atm machine इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले हमें जरुरत  पड़ता है .जिसमे  हम अपना atm pin और कितना पैसा निकलना है और साथ ही साथ कुछ गलत button दबा देते है तोह cancel/clear/enter इस तरह के सुबिधा हमें keypad के माध्यम से कर सकते है.

2. OUTPUT DEVICE

  • Screen-इसके मदत से ही हम atm machine में अपना खता से जुड़े हुए पूरी जानकारी से नाम/राशी इस तरह के जानकारी को देख सकते है.साथ ही साथ हम अगर चाहे तोह राशी निकाल भी सकते है इस screen के मदत लेकर.हमारा लेनदेन संपूर्ण होने तक हमें screen का जरुरत पड़ता है.
  • Speaker-अभी के समय में जादातर atm आप देखेंगे उसमे speaker रहता है.जैसे हम लेनदेन के लिए आपना atm card atm machine में डालते है तब हमें direction के लिए guide किया जाता है.speaker के माध्यम से सुनाकर.
  • Cash Dispenser– जब हम atm से पैसा निकालते है तब इस cash dispenser ट्रे से ही पैसा बहार आता है.जोह की atm machine के लिए एक बहुत ही जरुरी parts माना जाता है.
  • Receipt Printer– जब हम atm  machine से पैसा निकालते है और हमारा transaction सफल होता है तब अंत में हमें एक receipt मिलता है जिससे हम देख सकते है कितना राशी का लेनदेन हमने किया.लकिन अभी इस डिजिटल जगत में पेड़ को लेकर बहुत ध्यान दिया जा रहा है.जैसे आप सभी जानते हो पेड़ से ही जोह पेपर बनता है और atm के receipt में भी पेपर इस्तेमाल होता है.तोह इससे ध्यान में रखते हुए बैंक के तरफ से सभी transaction के लिए आपको तुरंत message करके बता दिया जाता है .तोह अगर आपको receipt का इतना जरुरत नहीं है तोह आप उससे पहले ही selcet कर सकते है i don’t want receipt.इससे आपके transaction के बाद atm से receipt नहीं आयेगा.
ATM कैसे काम करता है?

atm जादातर दो तरह के भारत में मजूद है.कुछ atm machine में atm card को swipe करने से ही आपके card के data को read कर लेता है उसके बाद आप transaction कर सकते है.और कुछ atm में आपके card को machine के अंदर ही catch करके रखता है जबतक ना आपका transaction complete नहीं हो जाता है.और आपके atm card में magnetic script लगे रहता है उसके मदत से ही आपके card को read कर पता है.उसके बाद जब आप atm कार्ड को atm machine में डालते है तोह आपको pin number/language/ac type/amount इस तरह के तथ्य आपको select करना होगा उसके बाद ही आपके transaction संपूर्ण होता है.

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ATM  से जुड़े हुए कुछ जाने अनजाने बाते

ऐसे हम सभीने आजके दिन ATM का इस्तेमाल करते है.लेकिन ATM से जुड़े हुए कुछ जाने अनजाने बाते है  जिसके बारे में जादा से जादा लोगो को पता नहीं है.तोह ATM से जुड़े हुए कुछ रोचक बातो के बारे में जान लेते है.

  • ATM किसने बनाया था– John Shepherd-Barron And Donald Wetzel .
  • ATM PIN NUMEBR सबसे पहले किसने रखा था– एटीएम पिन नंबर सबसे पहले John Shepherd-Barron ने रखा था.और सबसे पहले 6 digit का pin number रखने का plan किया गया था लेकिन बादमे उन्हें लगा की 6 digit नंबर याद राखना मुश्किल है इसलि वजह से ATM CARD में 4 digit pin रखा गया है.लेकिन आजके समय में kotak mahindra bank के atm card के लिए अभी भी 6 digit का pin number रखा जाता है.
  • विश्व का पहला Floating Atm कहा लगाया गया थाविश्व का पहला atm में machine भारत के केरल में state bank of india के तरफ से Floating Atm Machine लगाया गया था.
  • भारत में पहला Atm machine  कब और konsa bank ने लगाया था-1987 में HSBC  bank के तरफ से भारत पहला atm machine स्थापित किया गया था.
  • विश्व का पहला Atm कोनसा bank ने  और कहा स्थापित किया था-27 जून 1967 को लन्दन में Barclays Bank ने सबसे पहला atm machine का स्थापित किया था.
  • Atm का इस्तेमाल सबसे पहले किसने किया था -atm का सबसे पहला इस्तेमाल एक ब्रिटिश comedy actor Reg Varney  ने 02 sep 1969 में सबसे Atm का इस्तेमाल किया था.
ATM सुरक्षित तरीके से कैसे इस्तेमाल करे?

आजके समय में atm का इस्तेमाल हरदिन कही ना कहो कम जादा करते ही है.लेकिन atm इस्तेमाल करने के साथ साथ कुछ साबधानिया ध्यान में राखना बहुत जरुरी है.और अगर आप इस साबधानियो के उपर ध्यान नहीं रखेंगे तोह सायेद आपको परिशानी का सामना करना पढ़ सकता है.atm को इस्तेमाल करते समय आप अगर कुछ बातो का ध्यान रखेंगे तोह आपको कभी परिशानी नहीं आयेगा.

  • आप अगर रात के समय किसी atm  से पैसे निकालने जाते है तोह साथ में किसी और एक लोग को लेकर जाये.
  • आपके ATM Card को पहले से ही पर्स  से बहार निकालकर रखे ताकि atm के अन्दर card निकालने के जादा समय ना लगे.और साथ ही साथ रात  के समय खास तोर पर इस बात का ख्याल रखे की कोई संदेहजनक ब्यक्ति आपके आसपास ना हो.
  • अगर आप Atm से जादा रकम निकालना चाहते है तोह कोई भीड़ के area के atm का इस्तेमाल करे जोह सुरक्षित हो.
  • atm इस्तेमाल करने समय आपको ध्यान रखना है की उस atm के अन्दर कोई और आनजान ब्यक्ति आपके pin number को नहीं देख रहा है.pin number को डालते समय आपने हाथो से atm keypad को cover करके  करके pin डाले.
  • atm से पैसा निकालने के बाद उस पैसे को आप गिन सकते है लेकिन ध्यान रखे की आपके उपर किसी और का नजर ना हो उस समय.
  • atm से पैसा निकालने के बाद जोह message आपके mobile number में bank के तरफ से आता है उससे check करे और देखे सही transaction report आया है की नहीं.
  • atm pin number को याद रखे,atm  card में या फिर कही पे भी लिखकर ना रखे.
ATM इस्तेमाल करने से हमें क्या क्या दिक्कत आ सकता है?

ग्राहकों के लिए बैंकों से रुपयों की निकासी सरल बनाने हेतु एटीएम मशीनों को लागू किया गया था, लेकिन इन एटीएम मशीनों में भी कई समस्याएं आती रहती हैं। इनके कारण ग्राहकों को कई बार परेशानी उठानी पड़ जाती है। मशीन से कभी नकली नोट निकल आते हैं तो कभी बिना नोट निकले ही निकाले गए रुपयों की खाली रसीद बाहर दिखा देती है। इसका संभावित कुछ हद तक कारण बैंकों में चाइनीज कंप्यूटर तकनीक का प्रयोग माना जा रहा है। इसके अलावा हाल की कुछ घटनाओं से एटीएम मशीन को ही चोरी कर ले जाने की घटनाएं सुनाई दी हैं।इनके कारण चोरी या लूट का अलार्म न बजना या मशीन के तार काटे जाने पर स्विच यानी कंट्रोल रूम को खबर भी न लग पाना आदि हैं। एटीएम मशीन मरम्मत के लिये खुली होने की स्थिति में स्विच के साथ अपना संपर्क तोड़ देती है। ऐसे समय बैंक अधिकारी या एटीएम वैंडर के सामने मशीन की आवश्यक मरम्मत की जाती है। परंतु एटीएम मशीनों की चेस्ट या तिजोरी खुली होने की दशा में भी ये मशीनें स्विच को झूठा संदेश देते हुए आनलाइन रहती हैं। यानी ऐसा संभव है कि मशीन चोर ले जाएं और स्विच को खबर भी न लगे.

कई बार किसी एटीएम मशीन से नकली नोट निकल पड़ते हैं और बैंक इनकी कोई जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं होता। कई बार जब एटीएम मशीन खाते से रुपये तो निकाले दिखा देती है लेकिन नकदी मशीन से बाहर नहीं आती या कभी कम ही निकालती है। ऐसी शिकायतों के लिये ग्राहक बैंक में पूछताछ करते हैं तो बैंक अपने काल सेंटर का नंबर थमा देते हैं। टोल फ्री नंबर पर चलाए जा रहे इस काल सेंटर की लाइन मिलना ही पहले तो मुश्किल है और मिल भी जाए तो आधे घंटे की बातचीत के बावजूद ग्राहक को राहत नहीं मिल पाती। सामान्यत: काल सेंटर ग्राहकों को बिना मांगे शिकायत संख्या तक उपलब्ध नहीं कराते। ग्राहक शिकायत संख्या लेकर मानसिक तनाव ग्रस्त हो इससे कहीं बेहतर है कि बैंक में जाकर चैक से अपनी राशि निकाले और इन झंझटों से मुक्त रहे.

प्रायः एटीएम कार्ड और इंटरनेट बैंकिंग के आवेदन पर साफ लिखा होता है कि किसी किस्म के नुकसान के लिए बैंक की जवाबदेही नहीं होगी। हैकिंग और पासवर्ड चोरी में बैंककर्मियों की संलिप्तता के मामले भी अब खुलने लगे हैं। ग्राहक अपने खोए हुए एटीएम कार्ड को अपने बैंक में जाकर कैंसिल नहीं करवा सकते। बैंक दावा करता है कि आप किसी भी शाखा से एटीएम कार्ड जारी करवा सकते हैं, लेकिन यही कार्ड खो जाए तो पहले बैंक के काल सेंटर में इसकी शिकायत दर्ज करानी है। शिकायत नंबर लेकर बैंक को सूचित करना है। खोए हुए एटीएम कार्ड से नकदी निकालने के अलावा खरीददारी भी संभव है सो ग्राहक चाहता है कि तुरंत उसे खोए कार्ड से मुक्ति मिलनी चाहिए.

 

एटीएम कार्ड का गलत इस्तेमाल हो तो ग्राहक को पुलिस या कोर्ट कचहरी के चक्कर भी कटवा सकत है। यदि आपने किसी दूसरे बैंक का एटीएम कार्ड किसी दूसरे बैंक के एटीएम में इस्तेमाल किया है और राशि नहीं मिली है तो दोगुनी मानसिक परेशानी झेलनी पडी़। सकती है। एटीएम मशीन फेल होने की दशा में बैंक की एकांउटिंग प्रणाली भी फेल हो जाती है। एटीएम कोड के अनुसार राशि का भुगतान हो भी सकता है और नहीं भी हो सकता। मशीन में उपलब्ध 100, 500 व 1000 के डिब्बों से दूसरी करेंसी की आपूर्ति न हो सके इसके लिए न तो कोई मकैनिकल न ही कोई साफ्टवेयर में व्यवस्था है। इस दृष्टि से ये मशीनें बैंकिंग के लिये सुरक्षित नहीं मानी जा सकती। गलत भुगतान की प्रविष्टियों को ठीक करने की व्यवस्था भी कारगर नहीं है.

 

कभी मशीन आवाज करती रहती है, पैसा बाहर नहीं निकलता और एटीएम हैंग हो जाता है। कभी यह राशि किसी दूसरे ग्राहक को अनायास ही मिल जाती है क्योंकि राशि बीच में अटकी रहती है और एटीएम अचानक काम करना शुरू कर देता है। कभी ग्राहक की यही राशि एटीएम में नकदी, कागज या रिबन फीड करने वाली कम्पनी के लोगों के हाथ भी लग जाती है.

एटीएम मशीनों के मेंटीनैंस के नाम पर एटीएम में नकदी भरना, दो बार दिन में एटीएम परिसर की सफाई, एयरकंडीशन का चालू रहना, एटीएम मशीन का जीरो डाउन होना, सुरक्षा की दृष्टि से दृश्य और अदृश्य कैमरों का चालू रहना, एटीएम से हर प्रचालन की पर्ची निकलना, दरवाजे का बंद रहना ताकि एक समय में एक ग्राहक एटीएम में रहे, रात में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था, सुरक्षा के लिये गार्ड आदि इनके वार्षिक मेटीनैंस के कुछ प्रमुख हिस्से हैं जिनका पालन नहीं होता .

दोस्तों इस पोस्ट में मैंने आपके साथ शेयर किया है एटीएम का फुल फॉर्म क्या है  . और एटीएम से जुड़े हुए सारे सावालो के जवाब इस पोस्ट में मैंने आपके साथ शेयर किया है.उम्मीद करता हु इस पोस्ट को पढने के बाद atm full form in hindi से जुड़े हुए आपके मन में जोह भी सावाल था उसका जबाब आपको इस पोस्ट में मिल गया.फिर भी  इस जानकारी से जुड़े हुए आपके मन में कुछ सुझाब रहता है तोह आप निचे हामारे साथ कमेंट box में शेयर कर सकते है.धन्यबाद.

हेल्लो दोस्तों मेरा नाम मिथुन है,और में इस वेबसाइट को 2016 में बानाया हु.और इस वेबसाइट को बानानेका मेरा मूल मकसद यह है की लोगो को इन्टरनेट के माध्यम से हिंदी में इन्टरनेट की जानकारी प्रदान करना.इसीलिए इस वेबसाइट का नाम Internetsikho राखा गया है.

2 COMMENTS

  1. आपने अपनी जानकारी को बहुत ही उम्दा तरीके से विस्तृत किया है, आपके द्वारा दी गयी जानकारी मुझे बहुत अच्छी तरह से समझ में आये इसके लिए आपका धन्यवाद

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