हेल्लो दोस्तों आज एकबार फिर से आप सभीको internet sikho में  बहुत बहुत स्वागत है.दोस्तों आज हम इस पोस्ट में बात करेंगे star के बारे में,और साथ में यह भी जानेंगे की star का क्या काम है technical chart में  और कितने प्रकार का star होता है.दोस्तों आपको बाता  की star भी ठीक doji के तरह ही काम करने  वाला एक कैंडल है.और यह अनिस्चितोता का संकेत देता है.और star 3 प्रकार के होते जिन्स्बके बारे में में निचे आपको बतानेवाला हु.

star क्या है और अलग अलग के प्रकार के क्या काम है?

star 3 प्रकार के होते है.

STAR KYA HAI AUR STAR KA PRAKAR
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  1. Morning star– morning star एक तेजी का संकेत देनेवाला कैंडल है.जब मंदी स्थापित होता   है तब इसमें पहलेवाले  दिन चलनेवाले मंदी के ट्रेंड के साथ आये हुए मंदी के कैंडल बनता है.फिर दुसरे दिन भाव गैप में निचे की दिश में खुलता है और उसदिन भाव एक सिमित range में रहकर बंध होता है.दुसरे दिनके बंध के साथ आये या सुधर के साथ उसका बंध भाव पहले दिन के कैंडल के निचे होता है.और तीसरे दिन दिन भाव सुधर के साथ gap में खुलता है और आछे सुधर के साथ बंध होता है तब एक तेजी लम्बी candel चार्ट में देखने को मिलता है.यह बंध पहले दिन के कैंडल के बिच  के आजू बाजू या उपर आया हुआ दिखाई देता है.यह ट्रेंड रेवेर्सल का संकेत मिलने के बाद तेजी आगे बढ़ते हुए नजर आता है.
STAR KYA HAI AUR STAR KA PRAKAR
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  1. 2. Evening star– यह मंदी का संकेत देनेवाला एक कैंडल है.इसमें पहला कैंडल शुरू तेजी के साथ आनेवाले तेजी का लम्बा candel होता है.दुसरे दिन भाव गैप में उपर की दिशा में खुलता है पार बहुत ही कम रेंज में घूमकर बंध होता है.दुसरे दिन के बंध भाव भाले ही सुधर या गिरा हुआ हो पार यह भाव पहले दिन के बंध भाव के तुलोना में उपर होता है.तीसरे दिन भाव में बहुत ही जादा गिरावट होती है,इसीलिए उस दिन के candel मंदी की लम्बी कैंडल होता है.तीसरे दिन का बंध भाव प्रथम दिन के कैंडल के बिच में या उससे निचे होता है.इसकी मदत से आनेवाला मंदी की पुर्बो सुचना मिल जाता है.उपर के चार्ट में दिखाई देता है उस तरह से evening star का निर्मान होने के बाद भाव में गिरावट नजर आता है.इस बार भाव और उसके बिच भी नकारात्मक divergence का निर्मान होता है जोह आनेवाले गिरावट का समर्थन करता है.इस तरह के कैंडल स्टिक संकेत और सुचोको के अभ्यास पार से नजदीकी भबिश्य में निर्मान होने वाले  trend का अंदाजा लागाया जा सकता है.
STAR KYA HAI AUR STAR KA PRAKAR
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  1. 3.Shooting star–  यह प्रकार के रेवेर्सल पैटर्न है.यह एक छोटी कैंडल है जिसमे उपर shadow पूरा body के तुलोना में कम से कम दू गुना लम्बा होता है.इस कैंडल  में रंगों का कोई महत्य नहीं है.पार मंदी  आनेके के बाद ही यह कैंडल तैयार होता है और अधिक मजबूत संकेत मिलता है ऐसा माना जाता है.इस कैंडल को देखने पार ऐसा लागता है की भाव खुलने के बाद आगले दिन के मजबूत ट्रेंड के अनुसार बढ़ता है पार भाव उस दिन के उचे लेवल को छूने में सफल नहीं होता है और बंध होते समय कम सुधर के साथ या गिरावट के साथ बंध होता है.यह एक मंदी के दिशा का संकेत माना जाता है.भाव थोड़े सुधर के साथ बंध होने पार भी ऐसा काहा जा सकता है की बढोतोरी  टिक नहीं सकेगी यह संकेत देता है क्यों की तेजिवालो की पकड़ कम हो रही  है और मंदी वालो की पकड़ मजबूत हो रही है.अब मंदी के दिशा के स्थिति स्थापित होगा ऐसा काहा जा सकता है.दुसरे दिन मंदी के दिशा में भाव खुलने के बाद मंदी आगे बढ़ सकती है ऐसा काहा जा सकता है और बिकवाली किया जा सकता है.उपर के चार्ट पे दिखाई देता है की कम कालाबधि की रेल्ली स्थापित है.shooting star बनता है उस दिन भाव तेजी की दिशा के चाल के साथ उपर की दिशा में खुलता है.पार बाजार बंध होने से पहले खाय का सुधर वैसे ही रखने में असफल होकर जादातर सुधर गाबाकर बंध होता है.यह  एक स्पस्ट संकेत है की तेजी के खिलाडी अधिक तेजी करने के प्रयास में असफल साबित हुए है.दुसरे दिन दुबली ओपनिंग के साथ भाव  खुलता है तोह बिकवाली करके मुनाफ़ा कामाया जा सकता है.

दोस्तों यह था star के बारे में पूरी जानकारी,मुझे उमीद है की हामारे इस technical analysis seris के सारे पोस्ट आपको पसंद आराहा होगा,और इससे चार्ट को समझने में भी आपको थोडा आसान होगा.तोह आनेवाले technical analysis seris के   हर एक पोस्ट आपके mailbox में पाने के लिए internet sikho को subscribe करना ना भूले.

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